इस चैत्र नवरात्रि में ऐसे करें माँ कात्यायनी की पूजा, वैवाहिक जीवन रहेगा खुशहाल, शीघ्र होगी शादी

ऐसी शास्त्रीय मान्यता है कि विवाह संबंधी परेशानी अथवा शीघ्र शादी के लिए देवी दुर्गा के कात्यायनी स्वरुप की पूजा अत्यंत लाभकारी है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार देवी कात्यायनी बृहस्पति ग्रह का भी प्रतिनिधित्व करती हैं.

चैत्र नवरात्रि के छठे दिन माँ कात्यायनी की पूजा का विधान है. माँ दुर्गा के छठे स्वरूप के रूप में देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है. कात्यायनी देवी ने कात्यायन ऋषि की तपस्या से प्रसन्न होकर इनके घर कन्या रूप में जन्म ली थी.

इसलिए देवी के इस स्वरुप में इनका नाम कात्यायनी पड़ा. कात्यायनी देवी की चार भुजाएं हैं जिसमें क्रमशः तीन भुजाओं में तलवार, ढाल और कमल पुष्प है. देवी कात्यायनी की चौथी भुजा अभय मुद्रा यानि आशीर्वाद मुद्रा में है.

‘कात्यायनी’ की पूजा से मिलते हैं ये लाभ:-

  • माता कात्यायनी की आराधना कन्याओं के शीघ्र विवाह के लिए विशेष लाभदायक मानी जाती है.
  • देवी कात्यायनी की पूजा से मनचाहा विवाह और प्रेम विवाह के भी प्रबल योग बनते हैं.
  • वैवाहिक जीवन में खुशहाली के लिए देवी कात्यायनी की आराधना अत्यंत लाभकारी मानी जाती है.
  • यदि किसी जातक की कुंडली में विवाह योग में किसी प्रकार का दोष हो तो इनकी आराधना करने से विवाह का योग प्रशस्त हो जाता है.

माँ कात्यायनी इस मंत्र से होती हैं प्रसन्न:-

कात्यायनी महामाये , महायोगिन्यधीश्वरी.
नन्दगोपसुतं देवी, पति मे कुरु ते नमः..

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार माँ कात्यायनी का संबंध बृहस्पति ग्रह से है. इसलिए महिलाओं को विवाह संबंधी किसी भी समस्या के लिए इनकी पूजा अत्यंत शुभकारी माना गया है. दाम्पत्य जीवन से संबंध होने के कारण इनका आंशिक सम्बन्ध शुक्र से भी है.

शुक्र और बृहस्पति, दोनों दैवीय और तेजस्वी ग्रह हैं, इसलिए माता का तेज भी अद्भुत और सम्पूर्ण है.
मां कात्यायनी संबंध कृष्ण और उनकी गोपिकाओं से रहा है. इसलिए ये ब्रज मंडल की भी अधिष्ठात्री देवी हैं.
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कात्यायनी पूजा-विधि:-

  • गोधूली बेला के समय पीले या लाल वस्त्र धारण करके इनकी पूजा करनी चाहिए.
  • माता कात्यायनी को पीले पुष्प और पीले रंग के मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए.
  • देवी कात्यायनी को शहद अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है.
  • मां को सुगन्धित पुष्प अर्पित करने से शीघ्र विवाह के योग बनेंगे साथ ही प्रेम सम्बन्धी बाधाएं भी दूर होंगी.

इसके बाद मां के समक्ष इस मंत्र का जाप करें:-

एतत्ते वदनं सौम्यं लोचनत्रय भूषितं.
पातु नः सर्वभीतेभ्यः कात्यायनी नमोस्तु ते..

शीघ्र विवाह के लिए ऐसे करें मां कात्यायनी की पूजा:-

  • गोधूलि वेला में पीले वस्त्र धारण करें.
  • माँ के समक्ष दीपक जलायें और उन्हें पीले फूल अर्पित करें.
  • इसके बाद 3 गाँठ हल्दी की भी चढ़ाएं.

मां कात्यायनी के मन्त्रों का जाप करें:-

कात्यायनी मंत्र- (सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए)

ॐ कात्यायिनी महामाये, सर्वयोगिन्यधीश्वरी.
नन्दगोपसुतं देवी पतिं में कुरु, ते नमः..