घाटे में चल रही एअर इंडिया के पायलटों के ठाठ, 12 लाख तक का इंक्रीमेंट

सरकार ने एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हालांकि कई अधिकारी प्रमोशन को इस तर्क पर वाजिब ठहराते हैं कि इन लोगों को पिछले 8-10 साल से प्रमोशन नहीं किया गया है. लेकिन सैलरी में इतनी भारी वृद्ध‍ि की बात गले नहीं उतरने वाली. खासकर तब जब कंपनी लगातार घाटे में चल रही हो.

दो दिन पहले ही सरकार ने यह घोषणा की है कि उसने दो वीवीआईपी विमानों की खरीद और उनकी साज-सज्जा के लिए नेशनल स्माल सेविंग फंड्स अकाउंट से एयर इंडिया को पैसे दिए हैं.

पिछले साल जून महीने में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एयर इंडिया के निजीकरण को मंजूरी दी थी. इस साल एयर इंडिया में 49 फीसदी विदेशी निवेश को कैबिनेट की मंजूरी मिली है. एयर इंडिया की 6 सब्सिडियरी में से 3 घाटे में चल रही हैं. साल 2012 से अब तक इस एयरलाइंस में सरकार करीब 23 हजार करोड़ रुपये की भारी पूंजी डाल चुकी है.

एयर इंडिया के भारी घाटे से सरकार परेशान रहती है, यहां तक कि इसके निजीकरण की तैयारी चल रही है. लेकिन लगता है कि कंपनी प्रबंधन पर इन सब चिंताओं का कोई असर नहीं पड़ रहा है. एयर इंडिया अपने पायलटों की सैलरी में सालाना 12 लाख रुपये तक की भारी इंक्रीमेंट करने जा रही है.

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, एयर इंडिया अपने 100 पायलट का प्रमोशन देने जा रही है और प्रत्येक की सैलरी में सालाना 12 लाख रुपये रुपये तक की बढ़ोतरी की जाएगी. अखबार को एक सूत्र ने बताया है, ‘100 डिप्टी जनरल मैनेजर रैंक के पायलट का प्रमोशन होने जा रहा है, इसके बावजूद कि एयरलाइंस के निजीकरण की तैयारी हो रही है. इन पायलटों को प्रमोशन देकर एग्जिक्यूटिव रैंक दिया जाएगा.’