उत्तराखंड : मई से शराब और हो जाएगी महंगी, सरकार ने लागू की नई आबकारी नीति

मंगलवार को उत्तराखंड सरकार ने नई आबकारी नीति जारी कर दी है. नई नीति एक मई से लागू होगी. नई नीति के मुताबिक शराब की दुकानों पर मई से शराब महंगी हो जाएगी.

जबकि बार और क्लबों में यह बढ़ोतरी अप्रैल से लागू हो जाएगी. राज्य में बार लाइसेंस की फीस तीन से बढ़ाकर पांच लाख कर दी गई है.

रेस्टोरेंट को बार लाइसेंस तभी दिया जाएगा, जब उसने वर्तमान वित्त वर्ष में 12 लाख रुपये से अधिक के भोजन की बिक्री कर उस पर टैक्स चुकाया हो. अभी यह सीमा छह लाख थी.

जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय का कहना है कि एक अप्रैल से लागू हो रही नई पालिसी के हिसाब से बार, होटल और क्लब संचालकों का लाइसेंस रिन्यू करने के साथ ही नया लाइसेंस दिया जाएगा.

आबकारी नीति की खास बातें

1. बार में म्यूजिक की ध्वनि की अधिकतम सीमा 70 डेसीबल तय की गई है.

2. रेगुलर बार की सालाना फीस एक लाख से बढ़ाकर 1.30 लाख और बीयर बार की 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार की.

3. 100 लोगों की सदस्यता वाले क्लब की सालाना फीस डेढ़ से बढ़ाकर तीन लाख की गई है.100 से 500 तक सदस्यों वाले क्लब को 5 लाख और इससे ज्यादा सदस्यों वाले क्लब को दस लाख रुपये चुकाने होंगे.

4. 20 कमरों तक के होटल के बार लाइसेंस फीस तीन से बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है. ज्यादा कमरों वाले होटलों की फीस बीते वर्ष के बराबर रहेगी. 5 सितारा होटल के लिए बार लाइसेंस फीस 15 लाख होगी. यह फीस उन होटलों पर भी लागू होगी जो कमरे का किराया 15 हजार से ज्यादा लेते हैं.

बार लाइसेंस फीस महंगी होते ही होटल और बार संचालक विरोध में उतर गए हैं. बार संचालकों का कहना है एक झटके में लाइसेंस फीस दोगुनी कर दी गई है. इससे उनका बार चलाना मुश्किल हो जाएगा. होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष संदीप साहनी ने इस पर कड़ा विरोध जताया है.

उन्होंने कि कहा कि आबकारी राज्य के राजस्व का सबसे बड़ा हिस्सा है. लेकिन सरकार की मंशा इसके प्रति गलत है. सरकार को इसे खत्म करने से पहले राज्य राजस्व के बारे में भी सोचना होगा. अभी होटल उद्योग नोटबंदी की मार से ही नहीं उबर पाया है.