विधानसभा का बजट सत्र : पहले दिन ही हुआ जोरदार हंगामा

मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र गैरसैंण में शुरू हो गया है. सत्र शुरू होने के पहले सदन के बाहर खासी रौनक बनी हुई थी. सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई. वित्त मंत्री प्रकाश पंत 22 मार्च को सदन में बजट पेश करेंगे. उधर, अभिभाषण के दौरान स्थायी राजधानी की मांग को लेकर कांग्रेस के विधायकों ने सदन में हंगामा किया. सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही. उधर, जोरदार हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र तीन बजे तक स्थगित कर दिया है.

विधानसभा के बजट सत्र में पहली बार राज्यपाल डॉ. केके पॉल का अभिभाषण हुआ. सरकार ने गैरसैंण में एक हफ्ते का विधानसभा सत्र आहूत किया है. इससे पहले कभी भी बजट सत्र गैरसैंण में नहीं बुलाया गया. सत्र की शुरुआत राज्यपाल डॉ. पॉल के अभिभाषण से हुई.

वे विमान से गौचर तक पहुंचे. वहां से वे सुबह गैरसैंण के लिए रवाना हुए. विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल के साथ ही भाजपा के ज्यादातर विधायक कल शाम ही गैरसैंण पहुंच चुके थे. वहीं, गैरसैँण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग को लेकर विधानसभा के निकट विभिन्न संगठनों का धरना भी चल रहा है. राज्यपाल के अभिभाषण में गैरसैंण को दी गई प्राथमिकता भराड़ीसैंण गैर सेंड में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए 67.50 एकड़ भूमि हस्तान्तरित की कार्यवाही में तेजी.

उत्तराखंड में पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और सिंचाई से किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सकारात्मक पहल, उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार देने और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास इसके तहत प्रयास, मजबूत प्रशासनिक तंत्र को मजबूत पारदर्शी और जवाब देही बनाने की पहल, लोक सेवकों के लिए स्वच्छ एवं पारदर्शी स्थानांतरण, नीति युवा वर्ग में विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास समाधान,पोर्टल के तहत स्मार्ट आईवीआर सिस्टम के माध्यम से शिकायतों को जल्द समाधान करने की पहल, आपदा से बचाव और राहत कार्यों को लेकर राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में रखी प्रमुखता, पारदर्शी आबकारी नीति के तहत जिले के स्थाई निवासियों को ही दुकानें आवंटित करने की पहल, राज्य स्तर पर उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधा सुलभ कराने के लिए दुर्गम और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की राज्यपाल ने कही है.

राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत परिवारों को चयनित करते हुए 13 लाख 3 हजार राशनकार्डों को ऑनलाइन किया गया है. सरकार द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का संपादन एवं ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों के माध्यम से विकास के कार्यों को मूर्त रुप देने की बात, 15 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों एवं 5 हजार मिनी आंगनवाड़ी केंद्र पर टेक होम राशन की व्यवस्था तथा हर दिन स्कूल में उपस्थित होने वाले 3 से 6 साल के बच्चों को मार्निंग स्नैक्स एवं ताजा पका भोजन उपलब्ध कराने की पहल, वर्तमान में राज्य में 11 विश्वविद्यालयों एवं 18 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के संचालन में छात्र छात्राओं को निशुल्क बीमा योजना का लाभ, क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने का सरकार कार्य कर रही है काम, जीएसटी लागू करने में उत्तराखंड ने निभाई अग्रणी भूमिका, उर्दू अकादमी एवं पंजाबी अकादमी द्वारा उत्कृष्ट पुरस्कार योजना सरकार कर रही है संचालित.

विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लगभग 11 सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में फलदार वृक्षों का वृक्षारोपण छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत अल्पसंख्यक समुदाय के ऐसे सभी छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति देने की व्यवस्था है. अवस्थापना सुविधाओं का सृजन एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार कर रही है कई योजनाओं का संचालन भी शामिल है. सांस्कृतिक धरोहर एवं संरक्षण संवर्धन तथा सर्वांगीण विकास के लिए नृत्य नाटक एवं लोक संगीत आदि का विकास और उनका प्रचार-प्रसार राज्य के परियोजनाओं कार्यों के अनुश्रवण के लिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड के तहत समस्याओं का त्वरित निस्तारण, औद्योगिक विकास के क्षेत्र में उच्च विकास दर पाने वाले सर्वोच्च राज्यों में से एक राज्य बना है उत्तराखंड, वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में सरकार ने कई उपलब्धियां पाई हैं. प्रदेशवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता, पूरी कैबिनेट सड़क मार्ग से पहुंची गैरसैंण पहली बार गैरसैंण विधान सभा सत्र में त्रिवेंद्र सरकार सड़क मार्ग से गैरसैंण पहुंची है. इससे पहले ज्यादातर मंत्री गौचर तक स्टेट प्लेन से या फिर हेलीकॉप्टर से सीधे गैरसैंण में ही लैंड करते थे. इस बार त्रिवेंद्र सरकार ने नई रणनीति अपनाई और कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत को छोड़ सभी को सड़क मार्ग से पहुंचने की हिदायत दी. पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्तता के चलते पंत को यह रियायत दी गई थी.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र भी ऋषिकेश से गैरसैंण तक ऑल वेदर रोड का मुआयना करते हुए पहुंचे. त्रिवेंद्र ने शिवपुरी, देवप्रयाग, सीतासैंण में अपना काफिला रोक निर्माण कार्यों में लगी एजेंसी के अफसरों को गुणवत्ता के साथ ही समय पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं. देर शाम मुख्यमंत्री के गैरसैंण पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया. उत्तराखंड का सालाना बजट 45,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है. पिछली बार त्रिवेंद्र सरकार ने लगभग 40 हजार करोड़ का बजट पारित किया था. इस बार इसका बढ़ना तय है. 22 मार्च को बजट सदन में रखा जाना है. सूत्रों का कहना है कि सरकार का बजट कर मुक्त होगा. सरकार निकाय चुनावों से ऐन वक्त पहले जनता पर कोई टैक्स लगाकर विपक्ष को नया मुद्दा देने के मूड में नहीं है.