कुंवारी गांव में नहीं रुक रहा पहाड़ दरकने का सिलसिला

बागेश्वर जिले के कुंवारी गांव में पहाड़ ग्यारहवें दिन भी दरकता रहा. गांव में दहशत अभी भी बरकरार है. ग्रामीणों के आंखों के सामने उनकी खेती उजड़ ही है. जिससे वे प्रशासन की मदद पर ही आंखें गढ़ाए हुए हैं.

दस मार्च की शाम करीब साढ़े सात बजे से कुंवारी पहाड़ दरकना शुरू हुआ. जो मंगलवार तक जारी है. ग्रामीण पूरी तरह टूटने लगे हैं. उनकी आंखों के सामने उनके खेत-खलिहान बर्बाद हो रहे हैं. प्रशासन की मदद पर उनकी निगाह टिकी हुई है. गांव के सामाजिक कार्यकर्ता गड्डू सिंह दानू ने बताया कि प्रशासन की तरफ से गांव में पटवारी और एसडीएआरएफ तैनात है.

अभी तक सिर्फ 26 टेंट लग सके हैं. 32 परिवार बेघर हो गए हैं. गांव में 112 परिवार रहते हैं. उन्होंने बताया कि गांव में घोड़े-खच्चर के माध्यम से 12 कुंतल राशन पहुंचा. जिसमें प्रत्येक प्रभावित परिवार को प्रशासन ने एक-एक किलो चीनी, दो-दो लीटर सरसों का तेल, एक परिवार को 15 किलो आटा और इतना ही चावल दिया. एक माचिस का पैकेट भी मिला. उन्होंने बताया कि ईंधन का संकट भी पैदा हो गया है. अभी गांव मिट्टीतेल नहीं पहुंचा है. लोग ईंधन के लिए लकड़ी का इंतजाम कर रहे हैं.

ग्रामीणों ने बताया कि सस्ता गल्ले की दुकान से मिलने वाला राशन मंगलवार तक गांव पहुंचने की उम्मीद है. खच्चर राशन लेने के लिए बदियाकोट गए हैं. एसडीएआरएफ की टीम टेंट लगाने में लोगों की मदद कर रही है.

ग्रामीणों ने बताया कि देवाल बाजार का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है. जिससे गांव में राशन समेत अन्य सामान का टोटा पड़ गया है. 112 परिवारों का बाजार देवाल है. उन्होंने बताया कि यदि समय रहते गांव के सभी लोगों को जरूरी सामान नहीं मिला तो गांव के लोग भुखमरी के शिकार हो जाएंगे.