पहाड़ के पर्यावरण को महसूस कर रजनीकांत हुए गदगद

आध्यात्मिक यात्रा पर द्वाराहाट पहुंचे बॉलीवुड के सुपर स्टार रजनीकांत ने पांडवखोली स्थित महावतार बाबा की गुफा में पहुंचकर एक घंटे तक योग किया. रजनीकांत पहाड़ की आबोहवा से काफी प्रभावित नजर आए.फिल्म अभिनेता अपने करीबी मित्र बीएस हरि के कौंला स्थित आवास से पांडवखोली गुफा के लिए निकल गये.

लगभग 20 किमी सड़क यात्रा के बाद दूनागिरि होते हुए कुकुछीना पहुंचे. इसके बाद रजनीकांत घोड़े पर बैककर गुफा तक पहंुचे. इस दौरान रतखाल के ग्रामीणों ने रजनीकांत के साथ फोटो भी खिंचवाई. गुफा पहुंचने के बाद लगभग एक घंटे तक गुफा के अंदर रजनीकांत ने योग-साधना की.

बाद में प्रफुल्लित अंदाज में रजनीकांत बाहर निकले. उन्होंने स्थानीय लोगों से यहां दोबारा आने का वादा भी किया.यहां की हसीन वादियां. पक्षियों की कल-कल आवाज और प्रकृति के सुंदर नजारे, दुनिया में कहीं नहीं. मैं तो बस इस पहाड़ का कायल हो गया हूं. लोगों का अंदाज भी बिल्कुल अलग है. बस इस पहाड़ से इस बार एक दर्द लेकर जा रहा हूं.

वह है, यहां के लोगों की पीड़ा. पहाड़ में रहने वाले लोगों का जीवन ऊंचे-ऊंचे पहाड़ों की तरह तकलीफदेय है. इन दिनों द्वाराहाट आए सुपरस्टार रजनीकांत द्वाराहाट से 20 किमी दूर महावतार गुफा में योग करने पहुंचे. उन्होंने कहा कि पहाड़ के लोगों की इस दिक्कत को मैं दुनिया को दिखाना चाहता हूं. पहाड़ के लोग जिस पीड़ा से जूझ रहे हैं, उस पर मैं फिल्म बनाऊंगा.

लोगों को बताऊंगा कि यहां लोग कितने मेहनतकश हैं. रजनी ने कहा कि मैं जब ध्यान के लिए गुफा में आ रहा था तो रास्ते में देखा कि करीब 60 साल की महिला सिर में लकड़ी लिए आ रही थी, कुछ दूरी पर एक महिला और देखी, जिसके सिर पर टोकरी थी, मैं ये देखकर चकित हो गया.

यहां महिलाएं भी कितनी मेहनती हैं.फिल्म अभिनेता रजनीकांत ने कहा कि उन्हें उत्तराखंड से बेहद लगाव है. खासकर वह परमहंस योगानंद से बेहद प्रभावित हैं. उनसे प्रभावित होकर ही वह आध्यात्म और योग से जुड़े. इस बार भी वह महावतार गुफा में योग करने पहुंचे. उन्होंने कहा कि अगले साल भी वह यहां जरूर आएंगे. उन्होंने कहा कि अगली बार जब वह आयेंगे तो वह जागेश्वर और कौसानी में भी जरूर जायेंगे.