यूपी-बिहार में हुए उपचुनाव की काउंटिंग आज, बीजेपी को हराने के लिए एक हुए हैं सपा-बसपा

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के उपचुनाव के नतीजे बुधवार को घोषित किए जाएंगे. मतगणना का काम सुबह आठ बजे शुरू होगा और 10 बजे तक शुरुआती रुझान मिलने शुरू हो जाएंगे. मतगणना के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं.

इसके साथ ही बिहार की एक लोकसभा सीट और दो विधानसभा के लिए हुए मतदान की भी मतगणना होगी. गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव के लिए मतदान बीते 11 मार्च को हुआ था. इस दौरान क्रमशः 47.75 प्रतिशत और 37.39 फीसद वोट पड़े थे. गोरखपुर सीट के लिए 10 और फूलपुर सीट पर 22 उम्मीदवार मैदान में हैं.

गोरखपुर सीट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के और फूलपुर सीट उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य के विधान परिषद की सदस्यता ग्रहण करने के बाद त्यागपत्र देने के कारण खाली हुई थी. यूपी के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री ने इन सीटों पर जमकर प्रचार किया था. इस वजह से इन दोनों नेताओं की साख दांव पर लगी हुई है.

उत्तर प्रदेश और बिहार में हुए लोकसभा उपचुनाव में मतदान का प्रतिशत कम रहा. इन सीटों पर हुए मतदान को आगामी आम चुनावों से पहले बीजेपी के लिए एक इम्तिहान भी माना जा रहा है.

उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि गोरखपुर में 43 फीसदी मतदाताओं ने जबकि फूलपुर में 37.39 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया.

दूसरी ओर बिहार के अररिया लोकसभा के लिए हुए उपचुनाव में 57 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. बिहार के भभुआ और जहानाबाद विधानसभा सीटों के लिए कराए गए उपचुनाव में क्रमश: 54.03 फीसदी और 50.06 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया.

योगी ने इस उपचुनाव को 2019 के लोकसभा चुनाव का पूर्वाभ्यास करार दिया था. इस चुनाव में बीजेपी, सपा और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय संघर्ष है.

भाजपा ने फूलपुर से कौशलेंद्र सिंह पटेल और गोरखपुर से उपेंद्र दत्त शुक्ल को उम्मीदवार बनाया है, जबकि इन दोनों सीटों पर समाजवादी पार्टी के क्रमश: परवीन निषाद और नागेंद्र प्रताप सिंह मैदान में है. कांग्रेस ने इन दोनों सीटों पर बीजेपी और सपा उम्मीदवारों के सामने क्रमश: मनीष मिश्र और सुरीथा करीम को खड़ा किया है.

बिहार में सत्तारूढ बीजेपी-जदयू गठबंधन तथा विपक्षी राजद-कांग्रेस गठबंधन अररिया लोकसभा सीटों पर और दो विधानसभा क्षेत्र में आमने-सामने हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पिछले साल महागठबंधन तोड़कर बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए में शामिल होने के बाद राज्य में पहली बार मतदान हुए हैं.

अररिया से राजद सांसद मोहम्मद तस्लीमुद्दीन के निधन के बाद यह इस सीट पर उप चुनाव कराया गया है. इस सीट पर यहां लड़ाई मुख्य रूप से राजद और बीजेपी के बीच है. राजद ने तस्लीमुद्दीन के बेटे सरफराज आलम को मैदान में उतारा है, जबकि बीजेपी ने प्रदीप सिंह को खड़ा किया है. प्रदीप यहां से 2009 में चुनाव जीत चुके हैं जबकि 2014 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

दूसरी ओर जहानाबाद और भभुआ के मौजूदा विधायकों के निधन के बाद यहां मतदान कराया गया है. जहानाबाद सीट पर राजद का कब्जा था और यहां से दिवंगत विधायक मुंद्रिका यादव के बेटे कृष्ण मोहन राजद के टिकट पर मैदान में हैं जबकि भभुआ से बीजेपी ने दिवंगत विधायक आनंद भूषण पांडे की पत्नी रिंकी रानी को मैदान में उतारा है.