निर्यातकों के लिए आ सकती है खुशखबरी, GST रिफंड पर PMO की अहम बैठक आज

निर्यातकों के रिफंड में देरी का मसला पांच महीने से ज्‍यादा समय से लटका है. निर्यातकों की शिकायत है कि जीएसटी रिफंड में देरी से उनकी वर्किंग कैपिटल ब्लॉक हो गई है. इससे उन्हें कारोबार चलाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

इनवॉयस में डिटेल्स मैचिंग नहीं होने से रिफंड अटका है. शिपिंग बिल और जीएसटी रिफंड में मिलान नहीं होना बड़ी समस्या है. एक्सपोर्ट जनरल मैनीफेस्ट फॉर्म नहीं भरने से रिफंड में देरी हो रही है. जिसके चलते एक्सपोर्ट जनरल मैनीफेस्ट फॉर्म हटाने की मांग की जा रही है. बार बार नियमों में बदलाव नहीं करने की भी मांग की जा रही है. नए कानून के मुताबिक आईजीएसटी देना जरूरी नहीं है. इसके साथ ही जीएसटीएन और कस्टम डाटा में तालमेल जरूरी है.

एक्सपोर्ट्स के अटके जीएसटी रिफंड पर आज प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों की अहम बैठक बुलाई है. निर्यातकों का दावा है कि जीएसटी लागू होने के 8 महीने गुजर जाने के बावजूद उनके 70% रिफंड अटके हुए हैं. सूत्रों ने बताया कि बैठक में रिफंड में देरी से निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग पर असर की भी चर्चा होगी.

एक्सपोर्टरों के करीब 10 हजार करोड़ के अटके पड़े रिफंड के भुगतान के लिए 15 तारीख से खास मुहिम चलाई जाएगी. एक्सपोर्टर्स को रिफंड में आने वाली दिक्कतों के बारे में सीबीईसी चेयरपर्सन वनजा एन सरना ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि सरकार इस पर जल्द फैसला लेगी, मीटिंग मे कई मॉडल्स पर चर्चा हुई है. केंद्र-राज्यों ने मिलकर मॉडल तैयार किया है. कुछ फेरबदल के साथ इस पर जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा. मौजूदा व्यवस्था अगले 3 महीने तक चलेगी.

कारोबारियों को जीएसटीआर-3बी जून तक फाइल करनी होगी. उन्होंने बताया कि अब तक 17 हजार करोड़ का रिफंड आया है. इसमें से 11 हजार करोड़ जीएसटीएअन से आया है. कुछ डुप्लीकेट रिफंड की एप्लीकेशन भी आई है. महीने के अंत तक सारे रिफंड क्लीयर हो जाएंगे.

जीएसटी काउंसिल ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि निर्यातकों को रिफंड के लिए ई-वॉलेट मैकेनिज्म डेवलप किया जाएगा. इसके जरूरी नियम-कायदे तैयार करने की जिम्मेदारी डीजीएफटी को दी गई है. इसमें निर्यातकों के खाते में उनके पिछले रिकॉर्ड के आधार पर क्रेडिट दी जाएगी. इस क्रेडिट का इस्तेमाल इनपुट टैक्स के भुगतान में किया जा सकेगा.