2016 में भारतीय सेना ने PoK में की थी सर्जिकल स्ट्राइक, सिर्फ सात लोगों को थी इसकी जानकारी

सितंबर 2016 में पाकिस्तानी कैंपों के अंदर घुसकर भारतीय फौज ने सर्जिकल स्ट्राइक कर पूरी दुनिया को अपनी ताकत का एहसास करवा दिया था. इस ऑपरेशन से पहले पूरे देश में ऐसे केवल सात लोग थे, जिन्हें इस विशेष हमले के बारे में जानकारी थी. यह कहना है सर्जिकल स्ट्राइक का हिस्सा रहे ले. जनरल राजेंद्र रामाराव निम्बोरकर का. वे रविवार को मेरठ कॉलेज के रक्षा अध्ययन विभाग की ओर से आयोजित भारत-पाकिस्तान के संबंधों पर बोल रहे थे.

दो दिवसीय सेमिनार में पहले दिन उन्होंने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी केवल सात दिन में की गई थी. सुबह साढ़े तीन बजे सेना लक्ष्य पर पहुंची और पाकिस्तानी कैंप पर हमला करके 5.30 बजे बेस कैंप में लौट आई थी.

सेमिनार में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रो. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि पाकिस्तान में अल्लाह, अमेरिका और आर्मी का महत्व था, अब इसमें अमेरिका की जगह तालिबान ने ली है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की स्थितियों को देखते हुए भारत को अपनी रक्षा शक्ति को और विकसित करने की आवश्यकता है, क्योंकि कमजोरी हर समय युद्ध को निमंत्रण देती है. जेएनयू की प्रोफेसर सविता पांडे ने कहा कि विश्व समुदाय में पाकिस्तान को लेकर विरोधी लहर है, इसका फायदा भारत को उठाना चाहिए.

मेरठ कालेज में जल्द ही भारत-पाक युद्ध का गवाह रहा विजयंत टैंक दिखेगा. सेमिनार में ले. जनरल रामा राव निम्बोरकर ने इसकी घोषणा की. देश में किसी एडेड कॉलेज में सेना का टैंक लगाने की यह पहली घोषणा हुई है. ले. जनरल मेरठ कॉलेज में डा. हेमंत पांडे के शोध निर्देशन में पीएचडी कर रहे हैं.