पाकिस्तान में संविधान बड़ा या हाफिज सईद? भारत रखेगा कड़ी नजर

आज कल हर पंडितों की नजर पाकिस्तान पर है. पाकिस्तान में हाफिज सईद का राजनीति करने का रास्ता खुलने के बाद से अब पाक के सामने नया सवाल खड़ा हो गया है.

एक सीनियर इंटेलीजेंस अधिकारी ने बताया कि सईद कुरान, शरिया और अल्लाह के अनुसार चलता है, वह कई बार ऐलान कर चुका है कि इंसानों के बनाए कानून के लिए उसके मन में कोई सम्मान नहीं है इसलिए वह केवल अल्लाह के कानून का ही पालन करेगा.

अगर हाफिज पाकिस्तान का संविधान नहीं मानता है तो उसकी राजनीति और चुनाव लड़ने का रास्ता भी बंद हो जाएगा और पाकिस्तानी संविधान के अनुसार आगे की राह और भी मुश्किल हो जाएगी.

आतंकी हाफिज सईद का पाकिस्तान में राजनीति करने का रास्ता खुलने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या सईद पाकिस्तान के संविधान को मानेगा? दरअसल कुछ दिन पहले ही इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने हाफिज की पार्टी मिली मुस्लिम लीग के रजिस्ट्रेशन को हरी झंडी दी है.

ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि सईद पाकिस्तान के संविधान को मानने से इनकार कर सकता है. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार सईद का संगठन जमात-उद-दावा लाहौर में शरिया अदालत चलाता है जिसमें दावा किया जाता है कि लोगों को जल्दी न्याय मिल जाता है.

यह रिपोर्ट 2016 में पाकिस्तानी अखबार डॉन में प्रकाशित हुई थी, जिसमें यह भी कहा गया था कि दूसरी अदालतो में शिकायत और वारंट जारी होने के प्रोसेस में काफी वक्त लग जाता है.