त्रिपुरा में BJP राज शुरू, बिप्लब देब ने PM मोदी की मौजूदगी में CM पद की शपथ ली

बिप्लब देब के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करने के लिए पीएम मोदी खुद अगरतला पहुंचे. एयरपोर्ट पर पीएम मोदी को लेने के लिए खुद प्रदेश के राज्यपाल तथागत राय और नवनिर्वाचित सीएम बिप्लब देब पहुंचे. देब ने फूल देकर एयरपोर्ट पर पीएम मोदी का स्वागत किया.

त्रिपुरा में 25 साल के लेफ्ट राज को खत्म कर सत्ता पर काबिज होने वाली भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार ने आज शपथ ली. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बिप्लब देब ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उनके अलावा जिष्णु देव वर्मा ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली. यह पहली बार हुआ है कि त्रिपुरा में किसी सरकार ने इस प्रकार खुले मैदान में शपथ ली हो.

शुक्रवार को त्रिपुरा के नवनिर्विचित मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब अपने पद की शपथ ली. त्रिपुरा के राज्यपाल तथागत रॉय ने उन्हें पद की शपथ दिलाई. यह पहला मौका है जब त्रिपुरा में बीजेपी गठबंधन की सरकार बनी है.

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले बिप्लब देब ने कहा कि वह राज्य में रह रहे मणिपुरी लोगों की सभी समस्याओं के समाधान पर पूरा ध्यान देंगे. मणिपुर के बीजेपी कार्यकर्ताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मणिपुर के साथ त्रिपुरा के विशेष सौहार्दपूर्ण संबंध रहे हैं.” बता दें कि त्रिपुरा में बीजेपी गठबंधन ने 43 सीटें हासिल की हैं.

पीएम मोदी के अलावा इस कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह समेत कई राजनेता पहुंचे.

उधर, निवर्तमान मुख्यमंत्री माणिक सरकार और उनकी कैबिनेट के पूर्व मंत्री आज यानी शुक्रवार को बीजेपी- आईपीएफटी गठबंधन के नेतृत्व में बनाने जा रही नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होगी. वाममोर्चे के संयोजक बिजन धर ने कहा कि विपक्षी वाम पार्टियों के नेता राज्य में चुनाव बाद हुई हिंसा के विरोध में कार्यकम में शामिल नहीं होंगे. धर ने कहा, ‘निवर्तमान मुख्यमंत्री और उनके मंत्री शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.’

दक्षिण त्रिपुरा के उदयपुर से ताल्‍लुक रखने वाले बिप्‍लब ने नई दिल्‍ली से मास्‍टर्स की डिग्री ली. उसके बाद दिल्‍ली में ही प्रोफेशनल जिम इंस्‍ट्रक्‍टर रहे. त्रिपुरा से 15 साल बाहर रहने के बाद 2014 आम चुनावों में जब बीजेपी को सर्वाधिक छह प्रतिशत वोट मिले तो आरएसएस ने लोकल चेहरे के नाते उनको त्रिपुरा वापस भेजा.

उससे पहले 15 साल वह त्रिपुरा से बाहर रह चुके हैं. वहां त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्‍ट कौंसिल चुनावों में बीजेपी की तरफ से प्रचार कर संगठन क्षमता का परिचय दिया. इससे पार्टी को जमीनी आधार मिला और ग्रामीण अंचलों में बीजेपी पहली बार लोकप्रिय हुई थी.