कश्मीरी पंडितों के बिना अधूरा है कश्मीर, वे एक दिन जरूर घर लौटेंगे: फारूक अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला की पार्टी ने कई मुद्दों को लेकर संकल्प पारित किए थे, जिनमें से एक कश्मीरी पंडितों को लेकर भी था. ‘कश्मीरी पंडितों का पलायन जम्मू-कश्मीर के इतिहास का काला अध्याय है. ये हमारे नागरिकों के लिए बुरी याद की तरह है. उनकी मर्यादापूर्ण वापसी एवं पुनर्वास अधूरा है तथा इस दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई है’.

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीरी पंडितों को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना जम्मू-कश्मीर अधूरा है. वे राज्य का अभिन्न हिस्सा हैं. उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडित एक दिन वापस जरूर लौटेंगे.

ये पहली बार नहीं है जब पूर्व सीएम ने कश्मीरी पंडितों को लेकर ऐसा बयान दिया हो. इससे पहले भी फारूक अब्दुल्ला मीडिया के सामने कह चुके हैं कि वे चाहते हैं कि कश्मीरी पंडित वापस कश्मीर लौटें.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘कश्मीरी पंडित कश्मीर का अभिन्न हिस्सा हैं. उनके बिना राज्य अधूरा है. वे एक दिन अपने असली घर वापस लौटेंगे’.

फारूक अब्दुल्ला पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं. हालांकि, उन्होंने कश्मीरी पंडितों के लिए कश्मीर में अलग से भूमि के विचार की आलोचना की थी. उन्होंने कहा था, ‘कश्मीरी पंडितों को कश्मीर लौटना होगा. वे जब तक वापस नहीं आ जाते तब तक कश्मीर अधूरा ही है. वे इस राज्य का हिस्सा हैं और उन्हें हम वापस लाकर रहेंगे. उन्हें यहां मुसलमानों के साथ ही रहना होगा. वे उनकी रक्षा करेंगे’.