आखिरकार प्रधानमंत्री मोदी ने चंद्रबाबू से की फोन पर बात

केंद्र में मोदी सरकार से हटने के बाद आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू मंत्रिमंडल से भाजपा के दो मंत्रियों ने आज इस्तीफा दे दिया. स्वास्थ्य मंत्री कामिनेनी श्रीनिवास और धर्मादा मंत्री पी मनिकलाया राव ने राज्य विधानसभा में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और अपने इस्तीफे सौंप दिए.

उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल में उन्हें शामिल करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया. जवाब में मुख्यमंत्री ने बीजेपी सदस्यों की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने अपना कर्तव्य अच्छी तरह निभाया. बाद में आंध्रप्रदेश विधानसभा में बोलते हुए श्रीनिवास ने कहा कि उनका राजनीतिक करियर 1982 में टीडीपी में शुरू हुआ था.

चंद्रबाबू नायडू का विधानसभा में दर्द छलका. चंद्रबाबू नायडू कहा कि उन्होंने इस रिश्ते को बनाए रखने के लिए अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया. नायडू ने कहा कि 29 बार दिल्ली जाने के बावजूद हमें प्रधानमंत्री की तरफ से निराशा हाथ लगी.

केंद्र सरकार से टीडीपी के अलग होने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए चंद्रबाबू नायडू ने सदन में कहा, ‘अरुण जेटली ने बुधवार को जो कहा वह अच्छा नहीं है. आप पूर्वोत्तर राज्यों का हाथ मजबूती से थामे हुए हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश का नहीं. आप उन्हें औद्योगिक प्रोत्साहन दे रहे हैं, लेकिन आंध्र के साथ ऐसा कुछ भी नहीं कर रहे. यह भेदभाव क्यों है?’

बीजेपी और तेलुगु देसम पार्टी के रिश्तों में आई दरार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू से की फोन पर बात की. पीएम मोदी आज शाम 6 बजे टीडीपी के दोनों मंत्रियों – अशोक गजपति राजू और वाईएस चौधरी से मुलाकात करेंगे.

टीडीपी के रुख के देखते हुए यह मुलाकात बेहद अहम हो गई है. उधर, बीजेपी का कहना है कि टीडीपी अपने फैसले पर फिर से विचार कर ले. टीडीपी ने बीजेपी पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है.