देश तोड़ने की मंशा रखने वाले तोड़ रहे मूर्तियां : भाजपा विधायक

उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की तिंदवारी सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक बृजेश प्रजापति ने बुधवार को कहा कि देश तोड़ने की मंशा रखने वाले लोग महापुरुषों की मूर्तियां तोड़ रहे हैं. ये वे लोग हैं जो देश की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहते हैं.

त्रिपुरा में भाजपा की जीत के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा वामपंथी विचारक लेनिन और कोयंबटूर में पेरियार नाम से मशहूर ई.वी. रामासामी नायकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद कोलकाता में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर कालिख पोते की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भाजपा विधायक ने कहा, “देश तोड़ने की मंशा रखने वाले लोग महापुरुषों की मूर्तियां तोड़ रहे हैं. ये वे लोग हैं जो देश की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहते हैं.”

उन्होंने कहा, “भाजपा के कार्यकर्ता श्यामा प्रसाद मुखर्जी के पदचिन्हों पर चलते हैं, कोलकाता में उनकी मूर्ति पर कालिख पोतने वाले देशद्रोही हैं. ये लोग देश की एकता और अखंडता को तोड़ना चाहते हैं. ऐसे लोगों के मंसूबों को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा.”

यह पूछे जाने पर कि त्रिपुरा और कोयंबटूर में मूर्ति तोड़े जाने की घटनाओं को किस नजरिए से देखते हैं? उनका कहना था, “ऐसा किन लोगों ने किया, यह तो जांच का विषय है.”

विधायक बृजेश प्रजापति के बयान से स्पष्ट है कि उन्हें सिर्फ श्यामा प्रसाद मुखर्जी मूर्ति तोड़े जाने का दुख है और सिर्फ मुखर्जी की मूर्तियां तोड़ने वाले ही उनकी नजर में देश तोड़ने की मंशा रखते हैं, उनकी पार्टी के लोग तो तोड़ना नहीं, देश को जोड़ना जानते हैं!

सच तो यह है कि मूर्तियां तोड़ने की शुरुआत त्रिपुरा में प्रजापति की पार्टी के लोगों ने की थी. तमिलनाडु में पेरियार नाम से मशहूर ई.वी. रामासामी की मूर्ति तोड़े जाने से पहले भाजपा के राष्ट्रीय सचिव एच. राजा ने फेसबुक पर लिखा था कि त्रिपुरा के बाद अब तमिलनाडु में पेरियार की मूर्ति तोड़ी जाएगी. पेरियार ब्राह्मण कुल में जन्म लेने के बावजूद दलितों के उत्थान के लिए काम करते रहे. यही वजह है कि सामंती सोच रखने वालों ने अपने नेता की शह पर पेरियार की मूर्ति तोड़ी.