मराठी को शास्त्रीय भाषा बनाने की मांग पर विचार करेगी सरकार : राजनाथ सिंह

पिछले तीन दिनों से शिवसेना के लोकसभा में हंगामे की पृष्ठभूमि में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा केंद्र सरकार मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर संस्कृति मंत्रालय से विचार करेगी.

उन्होंने कहा कि सरकार इस मांग पर विचार करेगी और इसे संबंधित मंत्रालय के पास भेजा जाएगा. बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन की कार्यवाही आरंभ होने पर शिवसेना के सदस्यों ने अपनी इस मांग को लेकर नारेबाजी की और अध्यक्ष के आसन के समीप पहुंच गए.

सदन की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद जब दोपहर 12 बजे फिर आरंभ हुई तो लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शिवसेना सदस्य आनंद राव अडसुल को अपनी बात रखने का मौका दिया. सदन में कांग्रेस और कई दूसरे दलों के हंगामे के बीच अडसुल ने कहा कि मराठी एक प्राचीन भाषा है और शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिए जाने के लिए जरूरी सभी मापदंडों पर खरी उतरती है. ऐसे में सरकार को इस मांग को पूरा करने में देर नहीं करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि यह मांग पिछले 10-15 साल से की जा रही है और शिवसेना के नेताओं ने इस बारे में सरकार को प्रतिवेदन दिया तथा कई बार याद भी दिलाया लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया. इस पर राजनाथ सिंह ने कहा कि यह मामला गृह मंत्रालय के तहत नहीं आता है लेकिन इसे संबंधित मंत्रालय के पास भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि इस मांग पर सरकार विचार करेगी.