कांग्रेस कार्यालय पर 95 लाख बकाया, कोर्ट ने दिए कुर्की के आदेश

तीस हजारी कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कार्यलाय में कुर्की की कार्रवाई शुरू हो गई है. ये कार्रवाई बिल्डर विनोद गोयल की याचिका पर हुई है जिसने कांग्रेस पर भवन के निर्माण की बकाया राशि भुगतान न करने का आरोप लगाया है.

गौरतलब है कि विनोद गोयल ने कांग्रेस कार्यालय का निर्माण 2004 में किया था जिसकी पूरी धनराशि कांग्रेस ने अभी तक नहीं चुकाई है. कोर्ट ने उसकी याचिका पर आदेश सुनाते हुए कार्यलाय में कुर्की के लिए टीम भेजी थी जिसे पहली बार खाली हाथ लौटना पड़ा.

एक बिल्डर ने कांग्रेस पर उसकी बकाया धनराशि का भुगतान न करने का आरोप लगाया है.कांग्रेस के राउज एवेन्यू स्थित दिल्ली प्रदेश कार्यलाय का निर्माण बिल्डर विनोद गोयल और उनके भाई ने किया है. उनकी कंपनी ने साल 2003-04 में इस भवन का निर्माण पूरा किया था लेकिन अब तक उन्हें इसके पूरे पैसे नहीं मिले हैं.

विनोद गोयल का कहना है कि पार्टि ने तब चेक से केवल 38 लाख रुपये का भुगतान किया था.वहीं इसकी दूसरी किश्त 57 लाख रुपये का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है.कई वक्त तक भुगतान न मिलने के बाद विनोद गोयल ने दिल्ली हाईकोर्ट में मदद की गुहार लगाई थी. वहीं दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष छत्तर सिंह का कहना है कि पार्टी पूरी धनराशि का भुगतान कर चुकी है.

तीस हजारी कोर्ट ने दिए पैसे भुगतान के आदेश दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले को तीस हजारी कोर्ट को सौंप दिया था. ये मामला 13 साल तक चला और आखिर इसी जनवरी कोर्ट ने कांग्रेस को आदेश देते हुए विनोद गोयल को ब्याज सहित धनराशि का भुगतान करने को कहा. विनोद गोयल के अनुसार कांग्रेस पर उनकी 94,82,805 रुपये राशि बकाया है. कोर्ट के आदेश के बावजूद कांग्रेस ने विनोद गोयल को धनराशि का भुगतान नहीं किया जिसके बाद उन्होंने फिर से कोर्ट का रुख किया.

तीस हजारी कोर्ट में अतिरिक्त जिला जज सुनील बेनीवाल ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ वारंट जारी करते हुए कुर्की का आदेश दिया था. कुर्की के लिए एक टीम सोमवार को कांग्रेस प्रदेश कार्यालय पहुंची लेकिन वहां ताला लगा हुआ मिला. कांग्रेस प्रदेश कार्यालय के दोनों गेटों पर कांग्रेसियों ने पहले से ही ताले लगा दिए गए थे ताकि कुर्की की कार्रवाई न हो सके. विनोद गोयल के वकील विनय गुप्ता ने कहा कि कोर्ट स्टाफ और पुलिस के साथ जब वहां पहुंचे तो उन्हें ताला लगा हुआ मिला. इस मामले में अगली सुनवाई अब 9 मार्च को होनी है.