सरकार भ्रष्टाचार खत्म नहीं करना चाहतीः अन्ना हजारे

हल्द्वानी पहुंचे प्रसिद्ध समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार से है, किसी व्यक्ति पार्टी या संगठन से नहीं. केन्द्र सरकार की विफलताओं व लोकपाल का गठन नहीं होने के विरोध में वह अपनी यात्रा पर निकले हैं.

हल्द्वानी पहुंने के बाद समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा कि उत्तराखंड में भी लोकपाल गठन नहीं किया गया है. इससे पता चलता है कि यहां की सरकार भी भ्रष्टाचार खत्म नहीं करना चाहती. उन्होंने कहा कि बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के भ्रष्टाचार को खत्म नहीं किया जा सकता है. इसके लिए जनता को जागरूक होना होगा. अन्ना ने माना कि सौ फीसदी भ्रष्टाचार पर रोक संभव नहीं है.

जिस स्तर पर आम आदमी भ्रष्टाचार से जूझ रहा है,उसे रोकना पूरी तरह मुमकिन है. इसके लिए जरूरी है कि सरकार गंभीर होकर काम करे. अपने घटते समर्थन के सवाल पर अन्ना की कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में पता चल जाएगा कि वह जो लड़ाई लड़ रहे हैं. उसमें देश के किसान व गरीब उनके साथ हैं या नहीं.

अन्ना ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सिर्फ जीएसटी व नोटबंदी की बात कर रही है. लेकिन खेती पर निर्भर किसानों को 5 हजार की पेंशन देने वाला बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं कर पा रही है. किसानों की आत्महत्या पहले की तरह ही जारी है. प्रधानमंत्री मोदी किसानों के इन सभी सवालों पर खामोश हैं.