मप्र : छिंदवाड़ा के मुर्दाघर में जिंदा हुआ युवक

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल में मृत मानकर मुर्दाघर भेजा गया युवक अचानक जिंदा हो उठा. वह सड़क हादसे में घायल हो गया था. उसका इलाज अब नागपुर में चल रहा है.

पर्यटन विकास निगम द्वारा पर्यटकों को लुभाने के लिए बनाए गए विज्ञापन ‘एमपी अजब है, सबसे गजब है’ का यह नमूना यहां सोमवार का पेश आया. इस घटना ने राज्य के सरकारी अस्पतालों की हकीकत की पोल एक बार फिर खोलकर रख दी है.

जिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुशील दुबे ने मीडिया को बताया कि प्रोफेसर कॉलोनी निवासी नीलांशु भारद्वाज रविवार को सड़क हादसे में घायल हो गया था, उसे गंभीर हालत में यहां भर्ती कराया गया था, जहां चिकित्सकों ने उसे ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया. उसकी नाड़ी और दिल की धड़कन बंद थी.

डॉ. दुबे के अनुसार, जब चिकित्सकों ने परीक्षण में पाया कि उसकी मौत हो चुकी है, तो उसकेशव को मुर्दाघर भेज दिया गया. वहां उसके परिजनों ने उसके शरीर में कुछ हरकत देखी. वे उसे लेकर तुरंत नागपुर रवाना हो गए.

चिकित्सकों के मुताबिक, नीलांशु का दिमाग लगभग 80 प्रतिशत मृत हो चुका है. नागपुर के अस्पताल में उसका इलाज जारी है.