राजधानी में नहीं थम रहा अपराधों व नशे का सिलसिला

अपराधियों के लिए शरण स्थली माने जाने वाली दून नगरी तथा राज्य के कुछ अन्य क्षेत्रों में हालांकि अब अपराधियों के लिए सिर छुपाना अथवा शरण लेना आसान नहीं है लेकिन यहां किरायेदार बनकर अपराधी शरण ले रहे हैं. पुलिस भी इससे इंकार नहीं कर रही है और लगातार विभिन्न स्थानों पर पहुंच कर किरायेदारों के सत्यापन कर रही है.

उत्तराखण्ड की राजधानी दून में अपराधों का सिलसिला रूकने का नाम नहीं ले रहा है. पुलिस आये दिन छोटे व बड़े खुलासे कर भी रही है, लेकिन अपराधिक ग्राफ में वृद्धि होती जा रही है. चोरी व अन्य अपराधों के खुलासे पुलिस कप्तान तथा एसटीएफ द्वारा समय समय पर किये जा रहे हैं बावजूद इसके राजधानी में अपराधियों के हौंसले बुलंदियों पर नजर आ रहे हैं.

दून में चोरी, लूट, हत्याएं व अपहरण की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं, इन बढ़ते हुए अपराधों की वजह देखा जाए तो अधिकतर किराये पर कमरे लेकर रहने वाले संदिग्ध युवक ही हैं. उत्तराखण्ड की इस राजधानी में चोरी, लूट, हत्याएं व अन्य संगीन अपराध होने के साथ ही नशे का अवैध कारोबार भी चल रहा है.

नशे का यह सामान स्कूल/काॅलेजों व अनेक शैक्षिक संस्थानों में अब भी पहुंचाने की खबरें सामने आ रही हैं. इस पर भी नियंत्रण पाने के लिए पुलिस महकमा एड़ी चोटी का जोर लगाकर नशे के खिलाफ अभियान चला रहा है लेकिन नशा बेचने का यह अवैध धंधा लगातार चल रहा है. राज्य उत्तराखण्ड में यह नशा फिलहाल पुलिस रोकने में अब तक नाकामयाब ही है.