अब कार्बेट नेशनल पार्क में खुलेगा नया जोन

कार्बेट नेशनल पार्क की सैर की और बाघ न दिखा तो सब बेकार, लेकिन पार्क प्रशासन अब यहां आने वाले पर्यटकों को बाघ दिखाने की गारंटी दे रहा है, ताकि दुनियाभर से यहां आने वाले पर्यटक बाघ को देखे बिना न जाएं. इसके लिए कार्बेट नेशनल पार्क में एक नया जोन बनाया जा रहा है.

दुनिया में सबसे सघन बाघों की आबादी वाला कॉर्बेट नेशनल पार्क अपनी इस खासियत के लिए पूरे विश्व में विशेष पहचान रखता है. दुनिया भर से पर्यटक हर साल हजारों पर्यटक यहां बाघ देखने पहुंचते हैं, लेकिन कई पर्यटक ऐसे हैं जिन्हें बाघ, गुलदार नहीं दिखाई देता. ऐसे में वह निराश होकर ही यहां से वापस लौट जाते हैं.

इसे देखते हुए कार्बेट प्रशासन अब नया जोन खोलने की तैयारी कर रहा है. सांवल्दे क्षेत्र में इसके लिए जगह चिन्हित की गई है. करीब 40 स्कवायर वर्ग किलोमीटर में बनाए जाने वाले इस जोन में मानव वन्य जीव संघर्ष, घायल या बीमार हालत में रेस्क्यू किए गए बाघ, गुलदार व दूसरे जानवरों को बाड़े के भीतर अलग अलग रखा जाएगा. पर्यटक बंद गाड़ी में बड़े के भीतर सफारी करते हुए इन जानवरों को देख पाएंगे. भले ही कॉर्बेट के अन्य जोन वर्षाकाल में बंद हो जाते हैं, लेकिन यह स्पेशल जोन पूरे साल यहां खुला रहेगा.

इसके अलावा कॉर्बेट के अन्य पर्यटन जोनों की तरह स्पेशल जोन में जिप्सियों की भी कोई लिमिट तय नहीं होगी, लेकिन यहां घूमने के लिए समय तय होगा. इस संबंध में सीटीआर के उपनिदेशक अमित वर्मा के अनुसार नए जोन का प्रस्ताव बनाया गया है. इसके लिए सेंट्रल जू-अथॉरिटी, एनटीसीए से अनुमति जरूरी होगी.

बाघों की अंतिम गणना के अनुसार उत्तराखंड में 340 बाघ मिले थे. जिसमें से 240 बाघ कार्बेट नेशनल पार्क क्षेत्र में हैं. कर्नाटक में 400 बाघों के बाद इनकी संख्या में उत्तराखंड देश में दूसरे स्थान पर था. बीते कुछ समय से प्रदेश में बाघों की संख्या में काफी वृद्धि देखी जा रही है.