रूस ने पेश की ये छह मिसाइलें

रूस की संसद में अपने वार्षिक संबोधन में राष्ट्रपति पुतिन ने इन ताकतवर हथियारों का प्रदर्शन भी किया. हथियारों के इस जखीरे को उन्होंने ‘कभी न हारने वाला बताया’. खबरों की मानें तो इन हथियारों में एक द्वीप से दूसरे द्वीप में मार करने वाली मिसाइल से लेकर हाइपरसोनिक रॉकेट और लेजर बीम हथियार भी शामिल हैं.

अपने संबोधन में पुतिन ने इन हथियारों को ‘अमरीका के रक्षा संधि के उल्लंघन के जवाब’ में बनाया है. उन्होंने केवल छह हथियारों का ही प्रदर्शन किया और कहा कि हथियारों की सूची लंबी है. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अभी तक ‘दुनिया में ऐसा हथियार किसी के पास नहीं है’ और यह ‘बेहतरीन’ है.

उनके इस बयान से शीत युद्ध काल के विवादस्पद समय की याद ताजा हो गई. हालांकि मॉस्को के पास इन हथियारों की मौजूदगी की पुष्टि करना मुश्किल होगा. रूस के सबसे ताकतवर और बेहतरीन छह हथियार

1. सरमट – एक द्वीप से दूसरे द्वीप तक मार करने वाली मिसाइल. इसे साटन 2 भी कहते हैं. सरमट को सोवियत युग के वोयेवोडा मिसाइल की जगह प्रस्तुत किया गया है. यह कम समय में मार करने में सक्षम है. इसे मिसाइल रक्षा प्रणाली के तहत रोकना काफी मुश्किल है.

2. असीमित रेंज वाली क्रूज मिसाइल – इसका नाम अभी तय नहीं हुआ है. राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक यह एक नए तरह की मिसाइल है, जो लक्ष्य भेदने के लिए बैलिस्टिक मिसाइल की तरह नहीं मार करती है. इसे मिसाइल रक्षा प्रणाली से रोकना मुश्किल है. राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक यह असीमित दूरी तक मार सकती है.

3. पानी के नीचे से स्वतः मार करने वाली परमाणु मिसाइल – इस मानव रहित मिसाइल का भी नाम अभी तक रूस ने तय नहीं हुआ है. इससे समुद्र के अंदर निशाना लगाया जा सकता है. यह पनडुब्बी से तेज और शक्तिशाली है.

4. हाइपरसोनिक मिसाइल किंझल – हवा से मार करने वाली इस मिसाइल का नामकरण खुद राष्ट्रपति पुतिन ने किया है. यह हवा में लांच की जा सकती है और अधिक सटीक निशाना साध सकती है. इसकी गति के कारण इसे भेदना मुश्किल है. यह दो हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तक निशाना साधने में सक्षम है.

5. कई तरह से मार करने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल एवनगार्ड – इसकी रफ्तार 25 हजार किलोमीटर प्रतिघंटे है, जो एक द्वीप से दूसरे द्वीप में आसानी से मार कर सकती है. राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक यह ‘एक नए तरह का हथियार’ है, जिसका परीक्षण सफल रहा है. यह कई हजार किलोमीटर तक सीधी और खड़ी मार कर सकती है. इसकी सतह का तापमान 1600 से 2000 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है.

6. लेजर हथियार – अभी तक इसका नाम तय नहीं हो सका है. पुतिन ने कहा कि रूस ने ‘लेजर हथियारों’ के निर्माण के लिए उल्लेखनीय कदम उठाया है. यह हथियार पिछले साल ही रूसी सेना को सौंपे जा चुके हैं. हालांकि इसका भी कोई प्रमाण नहीं दिया गया है.