एनजीटी के आदेशों की अनदेखी, कूड़े में लगी आग से लोग परेशान

आए दिन कूड़े में आग लगाने की घटना सामने आ जाती है. नगरपालिका के आला अधिकारी अज्ञात लोगों द्वारा आग लगाए जाने की बात तो करते हैं. लेकिन आज तक किसी भी आग लगाने वालों लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया और न ही आग लगाने वालों का पता चल सका.

कूड़ेदान में आए दिन आग लगने की घटना हो रही है. कार्रवाई के नाम पर नगर पालिका टैंकरों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग बुझाने की कार्रवाई करती है. अक्सर कूड़े में आग लगने की घटना के सामने आने के कारण नगर पालिका के लाखों रुपये बर्बाद हो रहे हैं. इसके बावजूद स्थाई व्यवस्था नहीं की जा सकी है.

एनजीटी के आदेशों की अनदेखी कर नैनीपातल में नगर पालिका की तरफ से डंप किए गए कूड़े में आग लगाई गई है. जिससे उठ रहे धुएं से यहां लोगों के लिए सांस लेना बेहद मुश्किल हो गया है.

कूड़े से उठ रहे धुंए से स्थानीय लोगों में आक्रोश है. जिला मुख्यालय से करीब 12 किमी दूर नैनीपातल में कूड़े के ढेर में पिछले पांच दिनों से कूड़े में आग लगी हुई है. इससे उठ रहे धुएं से नैनीपातल, बीसाबजेड़, खूना, डांसी, तड़ीगांव की 60 हजार से अधिक की आबादी के लिए सांस लेना कठिन हो गया है.

ग्रीन ट्रिव्यूनल ने कूड़े में आग लगाने पर सख्ती से रोक लगाई हुई है. इसके बावजूद नैनीपातल में नगर पालिका के कूड़े में लग रही आग से स्थानीय ग्रामीणों की मुसीबत बढ़ा दी है. यहां कूड़े से उठ रहे धुएं के गुबार के कारण आवाजाही कर रहे लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

कूड़े में लग रही आग के बाद धुएं से परेशान लोगों ने शीघ्र प्रशासन से इसे बुझाने की मांग की है. कूड़े से उठ रहे धुंए से क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी भी दूषित होता जा रहा है, साथ ही जंगलों को भी नुकसान पहुंच रहा है. जिससे गुस्साए स्थानीय लोगों ने कूड़ा निस्तारण के लिए अन्य चयन नहीं करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

धुंए के कारण वन संपदा को नुकसान पहुंचने के साथ ही बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है. धुंए से उठ रही दुर्गंध से यहां लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया. कई लोगों ने उल्टी और सांस लेने में दिक्कत आने की शिकायत की. आस पास के लोग खाना तक नहीं खा पा रहे हैं.