मेघालय: एनपीपी अध्यक्ष कोनराड ने सरकार बनाने का पेश किया दावा

60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के खाते में 21, एनपीपी के खाते में 19 और भाजपा के खाते में दो सीटें आई हैं. वहीं यूनाईटेड डेमोक्रेटिक पार्टी के छह विधायक और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के दो विधायक चुने गये हैं. राकांपा और खुन हनीट्रैप नेशनल अवेकिंग मूवमेंट के खाते में एक-एक सीट आयी है. इसके अलावा तीन निर्दलीय विधायक भी चुनाव जीते हैं.

मेघालय चुनाव में त्रिशंकु चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस और गैर-कांग्रेसी दलों की ओर से सरकार बनाने की कवायद शुरू हो गई है. हालांकि कांग्रेस की उम्मीदों को झटका लगता नजर आ रहा है.

बीजेपी ने कहा कि वह प्रदेश में एक गैर कांग्रेसी सरकार बनाने में मदद करने के लिए पूरी तरह तैयार है लेकिन इसके लिए पहल क्षेत्रीय पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) को करनी है. एनपीपी राज्य में दूसरी बड़ी पार्टी बन कर उभरी है और इसके 19 विधायक विजयी हुए हैं.

ताजा घटनाक्रम में एनपीपी अध्यक्ष कोनराड संगमा ने राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की और मेघालय में सरकार बनाने का अपना दावा पेश किया. यूडीपी नेता डोनकूपर राय ने इस बात की पुष्टि की है.

यूडीपी अध्यक्ष डोनकूपर राय ने एनपीपी को समर्थन देने का ऐलान किया है. राय ने एनपीपी प्रमुख से मुलाकात करके बताया कि पार्टी के रूप में हम उनसे मिले और सरकार गठन के बारे में चर्चा की. हम सबने निर्णय लिया है कि राज्य में गैर-कांग्रेसी सरकार बने. इसी के मद्देनजर हमने निर्णय लिया है कि एनपीपी को कोनराड संगमा के नेतृत्व में सरकार बनाना चाहिए.

असम के मंत्री और भाजपा नेता हेमंत बिस्व शर्मा ने बताया कि मेघालय में विधानसभा चुनाव का परिणाम एक दशक तक यहां सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस और मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के खिलाफ है. उन्होंने कहा, ‘‘हम चाहते हैं कि एनपीपी पहल करे और भाजपा इसमें पूरा सहयोग करेगी. हम यहां पर एक गैर-कांग्रेसी सरकार बनाने में मदद करने के लिए हैं.’’

शर्मा ने कहा कि मेघालय में अगली सरकार का गठन करने के लिए भाजपा छोर्टी पार्टियों और निर्दलीय विधायकों को साथ आने के लिए प्रोत्साहित करेगी. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के गठन में अगुवाई करने की स्थिति में नहीं है. हालांकि वह सरकार बनाने के लिए हर किसी के साथ ‘‘अनौपचारिक रूप से’’ बात करने के लिए तैयार है.