कांग्रेस मुक्त होगा पूर्वोत्तर?

त्रिपुरा, मेघालय और नगालैंड में जारी मतगणना के शुरुआती रुझानों में कांग्रेस नगालैंड और त्रिपुरा में खराब प्रदर्शन करती देखी जा रही है. नगालैंड के रुझानों में पहले एक घंटे की मतगणना के बाद बीजेपी सबसे बेहतर प्रदर्शन करती देखी जा रही है वहीं नागा पीपुल्स पार्टी दूसरे नंबर पर सीटें जीतती देखी जा रही है.

तीनों राज्यों के विधानसभा चुनावों के शुरुआती रुझानों से साफ है कि नतीजे जिस करवट भी बैठें वह कांग्रेस और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए बड़ी परेशानी साबित होंगे. इन तीन राज्यों में हालांकि महज मेघालय में 2003 से लगातार कांग्रेस की सरकार है.

लेकिन बाकी दो राज्य त्रिपुरा और नगालैंड में कांग्रेस क्रमश: 15 और 10 साल से राज्यों में दूसरे नंबर की पार्टी बनी रही है. नगालैंड में कांग्रेस ने 2003 में मजबूत सरकार बनाई थी लेकिन 2008 के चुनावों में उसे सत्तारूढ़ नागा पीपुल्स पार्टी ने दूसरे नंबर पर छोड़ दिया था.

त्रिपुरा में जहां कांग्रेस को महज एक सीट पर बढ़त बनाते देखा जा रहा है वहीं सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) को कांटे की टक्कर देते हुए बीजेपी को 20 सीटों पर बढ़त के साथ देखा जा रहा है. वहीं सत्तारूढ़ सीपीआई(एम) को 22 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरते देखा जा रहा है.

इन दोनों नतीजों से साफ है कि बीते चार चुनावों में कांग्रेस का सबसे खराब प्रदर्शन सामने आ रहा है. वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर का यह पहला चुनाव है. चुनावों में नतीजे इन रुझानों पर रहे तो जाहिर है अगले साल के शुरुआत में होने वाले लोकसभा चुनावों में इन राज्यों समेत पूर्वोत्तर के सभी राज्य कांग्रेस के लिए कड़ी चुनौती साबित होंगे.

गौरतलब है कि इससे पहले भी पूर्वोत्तर में कांग्रेस को बीजेपी से मुंह की खानी पड़ी है. असम में बीजेपी के हाथों हार और मणिपुर और अरुणाचल में बीजेपी की पटखनी ने पहले ही कांग्रेस को हाशिए पर ला दिया है. लिहाजा, इन नतीजों के बाद पूर्वोत्तर के 7 राज्यों में से 6 राज्यों में कांग्रेस मुक्त राजनीति का रास्ता साफ हो जाएगा.

पहले घंटे की मतगणना के बाद राज्य में नेशनल पीपुल्स पार्टी कांग्रेस से बढ़त बनाते हुए सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरने जा रही है. वहीं बीजेपी और अन्य पार्टियों समेत निर्दलीय उम्मीदवारों को भी कांग्रेस से बेहतर प्रदर्शन करते देखा जा रहा है. इन रुझानों से साफ है कि मेघालय में कांग्रेस का एक मजबूत किला ध्वस्त होने जा रहा है और इसे कांग्रेस अध्यक्ष के नाम दर्ज किया जाएगा.