पूर्वोत्तर में अपना कद बढ़ाती बीजेपी

इस बार बीजेपी को सत्ता की प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है, जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पूर्वोत्तर के इन तीनों राज्यों में औसतन डेढ़ फीसदी वोट मिले थे. पांच साल में राज्यों के ऐसे समीकरण बने हैं कि वो सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होती नजर आ रही है.

पूर्वोत्तर के त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय विधानसभा चुनाव के नतीजे आज आ रहे हैं. माना जा रहा है कि राज्य में सत्ता के सियासी समीकरण बदल सकते हैं.

नगालैंड की सत्ता से कांग्रेस को 2003 में बेदखल करके नगा पीपुल फ्रंट ने यहां कब्जा किया था, उसके बाद से लगातार सत्ता में वो बनी हुई है. कांग्रेस के लिए वापसी का आसान नही हैं. बीजेपी, एनडीपीपी के साथ चुनावी समर में उतर थी. बीजेपी गठबंधन को सत्ता का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है.

पिछले चुनाव में बीजेपी 1.75 फीसदी वोट के साथ एक सीट जीत सकी थी. इस बार बीजेपी ने 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं. सभी एग्जिट पोल में नगालैंड में बीजेपी गठबंधन को आगे बताया जा रहा है और वो सत्ता के प्रमुख दावेदारों में है.

त्रिपुरा में 1978 के बाद से वाम मोर्चा सिर्फ एक बार 1988-93 के दौरान सत्ता से दूर रहा था. बाकी सभी विधानसभा चुनावों में लेफ्ट का कब्जा रहा है. पिछले पांच विधानसभा चुनावों से वाममोर्चा जीतता आ रहा है.

1998 से लगातार त्रिपुरा में 4 बार से सीपीएम के मुख्यमंत्री माणिक सरकार के सामने इस बार बीजेपी ने एक बड़ी चुनौती पेश की है.

2013 के चुनाव में सीपीएम ने 49.58 वोट के साथ 50 सीटें जीती थी. कांग्रेस को 10 सीटें और 36.50 फीसदी वोट मिले थे. वहीं बीजेपी को 1.54 फीसदी वोट मिले थे और एक भी सीट जीत नहीं सकी थी, लेकिन इस बार बीजेपी सत्ता की प्रमुख दावेदार मानी जा रही है. चुनाव नतीजे से पहले आए एग्जिट पोल में लेफ्ट का दुर्ग त्रिपुरा में ढहता हुआ नजर आ रहा है. बीजेपी सत्ता के सिंहासन पर विराजमान होती दिख रही है.

मेघालय की सत्ता पर कांग्रेस पिछले 10 सालों से काबिज है. पूर्वोत्तर मिजोरम और मेघालय ही राज्य हैं, जहां कांग्रेस सत्ता में है. राज्य में 60 फीसदी आबादी ईसाई समुदाय की है. इसके बावजूद हिंदुत्व की छवि के साथ मेघालय में बीजेपी का ग्राफ बढ़ने की उम्मीद है.

2013 के विधानसभा चुनाव में इनमें से कांग्रेस ने 29 पर जीत दर्ज की थी, तो वहीं यूडीपी ने 8, निर्दलीय ने 13, एनसीपी ने 2 और अन्य ने 8 सीटें जीती थीं. बीजेपी महज 1 सीट जीत सकी थी और उसे 1.27 फीसदी वोट मिले थे. लेकिन इस बार बीजेपी को 10 से 15 सीट मिलने का अनुमान है. ऐसे में वो भले ही मेघालय की सत्ता पर काबिज न हो सके पर किंगमेकर के तौर पर उसे देखा जा रहा है.