सेना के नहीं ओएनजीसी के हेलीपैड से उढ़ान भरेंगे सीएम

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग की वजह से उपजे विवाद को सुलझाने के लिए सरकार और सेना के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया.

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस मामले में प्रेस को जारी बयान में कहा गया था कि पूरे प्रकरण में कैंट पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दे दिए गए हैं. हालांकि इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, साथ ही इस चूक को लेकर अभी किसी तरह की कार्रवाई भी नहीं की गई है. प्रभारी एसएसपी लोकेश्वर सिंह के अनुसार, इस प्रकरण में उच्चाधिकारियों से न तो ऐसा कोई आदेश मिला है और न ही केस दर्ज किया गया है.

चर्चा है कि सब एरिया कमांडर मेजर जनरल जेएस यादव के साथ मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह और डीजीपी अनिल रतूड़ी से हुई मीटिंग के बाद मामले में समझौते हो गया है. उधर, इस प्रकरण के बाद सीएम के हेलीकॉप्टर उड़ान के लिए हेलीपैड बदल दिया गया है.

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मुख्य सचिव ने पूरे प्रकरण पर नाराजगी जताई. राज्य के अफसरों ने कहा कि इस प्रकरण से सरकार और सेना दोनों की प्रतिष्ठा पर धब्बा लगा है. सूत्रों के अनुसार, सैन्य अधिकारियों ने जीटीसी हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर न उतरवाने के पीछे सुरक्षा को अहम वजह बताया. उन्होंने कहा कि हेलीपैड असुरक्षित होने की वजह से वहां ड्रम रखे गए थे.

सूत्रों ने बताया कि राज्य के अफसरों ने कहा कि यदि ऐसा था तो समय रहते प्रशासन को जानकारी देनी चाहिए थी. मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम ने जो तथ्य दिए हैं, वो कुछ और ही कह रहे हैं. सूत्रों के अनुसार सैन्य अधिकारियों ने संवाद की कमी की बात को स्वीकारा. मुख्य सचिव ने कहा कि भविष्य में ऐसा न हो, इसके लिए परस्पर समन्वय के साथ ही संवाद और मजबूत करना होगा.

इसके बाद मीडिया से बातचीत में मुख्य सचिव बातचीत के बिंदु बताने से बचते दिखे. लेकिन वह यह जरूर बोले, सभी ने अपनी-अपनी बात रखी है. इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के रविवार को मोरी दौरे के दौरान सेना से टकराव की स्थिति सामने आई थी.

तब मोरी जाने के लिए हेलीपैड जा रहे मुख्यमंत्री के काफिले को रोक दिया गया था. वापसी में सेना ने हेलीपैड पर ड्रम रख दिए गए थे. ऐसे में मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को हेलीपैड पर निर्धारित स्थान की बजाय दूसरी जगह पर उतरना पड़ा. इस घटना को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सुरक्षा में गंभीर चूक के तौर पर लिया गया था.

हालांकि इसके बाद से हेलीपैड से सरकारी हेलीकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी. बीते दो दिन देहरादून से बाहर जाने के लिए मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर ने ओएनजीसी हेलीपैड का प्रयोग किया. हेलीकॉप्टर घटनाक्रम के बाद जीटीसी हेलीपैड पर सेना ने ताला लगा दिया है. हेलीपैड के दोनों गेट बंद रहे. साथ ही मुख्य गेट पर सेना ने जवान तैनात कर दिए हैं.

जीटीसी हेलीपैड के गेट पर ताला डालने को लेकर सैन्य सूत्रों ने कहा मंगलवार को गोल्फ ग्राउंड बंद रहता है, ऐसे में हेलीपैड के गेट को भी बंद रखा जाता है. हालांकि वीआईपी मूवमेंट होने पर पहले की तरह मंगलवार को इसे खोल दिया जाता था, लेकिन इस बार मंगलवार को यहां से कोई उड़ान नहीं होने की वजह से दिन भर ताला लगा रहा.