25 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट

सिखों के दसवें गुरू गोविंद सिंह की तपस्थली हेमकुंड साहिब के कपाट मई महीने के दौरान ही खुलते हैं. पिछली बार 24 मई को कपाट खुले थे. ये तीर्थस्थल 6 महीनों तक बर्फ में ढका रहता है.

चमोली जिले में हेमकुंड साहिब स्थित है. यह सिखों का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है. यह पवित्र स्थल 4632 मीटर (15,200 फुट) की ऊंचाई पर एक बर्फीली झील के किनारे सात पहाड़ों के बीच स्थित है.

इन सात पहाड़ों पर निशान साहिब झूलते हैं. यहां तक ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर गोबिन्दघाट से पैदल चढ़ाई चढ़कर पहुंचा जाता है.

सिखों के पवित्र तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने की तिथि फाइनल हो गयी है. इस साल 25 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे.

इसके बाद लगभग छह महीने श्रद्धालु यहां दर्शन के लिये आ सकते हैं. हर साल यहां देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. पिछले साल यहां एक लाख 29 हजार 900 यात्रियों ने हेमकुंड साहिब यात्रा की थी.

हेमकुंड गुरुद्वारा ऋषिकेश के स्थानीय अध्यक्ष एवं उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष चरणजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि 25 मई को दोपहर 12.0 बजे सिक्खों के प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा के कपाट खुलेंगे.