नैनीताल हाईकोर्ट ने युवाओं में बढ़ती नशाखोरी पर विश्‍वविद्यालयों से मांगा जवाब

नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रदेश के युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को गंभीरता से लिया है. इस मामले में दायर जनहित याचिका को स्वीकार करते हुए इसकी रोकथाम के उपायों की जानकारी तलब की है.

इसके लिए प्रदेश के 27 सरकारी और गैर सरकारी विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को जवाब देने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने सभी 13 जिलों के पुलिस कप्तानों से इस मामले में पुलिस के स्तर से की जा रही पहल की जानकारी मांगी है.

हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने इस मामले में सुनवाई की. रामनगर निवासी स्वयंसेवी संस्था ‘वत्सल’ से जुड़ी श्वेता मासीवाल ने इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है.

इसमें कहा है कि प्रदेश में युवा वर्ग लगातार नशे की गिरफ्त में आ रहा है. देहरादून के 33 फीसदी युवा नशे की चपेट में जनहित याचिका दायर करने वाली संस्था ने एक सर्वे का हवाला देते हुए कहा है कि हल्द्वानी के 21 फीसदी और राजधानी देहरादून के 33 फीसदी युवा किसी न किसी नशे की गिरफ्त में आ चुके हैं.

इनमें 14 साल के किशोर से लेकर 30 साल तक के युवा शामिल हैं. याचिका में कहा गया कि यह प्रवृत्ति दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. याचिका में नैनीताल पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए गए अभियान का भी जिक्र किया गया है. कहा गया है कि इसी तरह के अभियान को अन्य जिलों में भी चलाने के निर्देश जारी किए जाएं.