वसंत पंचमी 2018: इस तरह करें सरस्वती पूजा, जानें शुभ मुहूर्त

वसंत पंचमी का त्योहार इस साल देशभर में 22 जनवरी 2018 को मनाया जा रहा है. मां सरस्वती की पूजा की इस बार 21 जनवरी को दोपहर बाद 3.33 बजे पंचमी प्रारंभ हो रही है 22 जनवरी को शाम 4.25 बजे तक पंचमी रहेगी. पिछले साल बसंत पंचमी त्योहार 1 फरवरी 2017 को मनाया गया था.

ऐसा माना जाता है कि इस दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था. इसलिए बसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा की जाती है. बसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है. यह त्योहार पूर्वी भारत, पश्चिमी-उत्तरी बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है.

मकर कुम्भ मीन मेष वृष मिथुन राशि के बालकों का सुबह आठ बजकर 57 मिनट से दोपहर 11 बजकर 06 मिनट तक (चतुर्थ से षष्ठ मुहूर्त तक) तथा कर्क सिंह कन्या तुला धनु राशि के बालकों का विद्यारम्भ संस्कार दोपहर 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर एक बजकर 15 मिनट तक ( सप्तम से नवम मुहूर्त तक) भी किया जा सकता है, किन्तु सभी के लिए सुबह आठ बजकर 57 मिनट से दोपहर 11 बजकर 06 मिनट तक का मुहूर्त सर्वोत्तम है.

इस दिन भगवान विष्णु का भी पूजन किया जाता है. प्रातः काल तैलाभ्यंग स्नान करके पीत वस्त्र धारण कर, विष्णु भगवान का विधिपूर्वक पूजन करना चाहिए तदुपरान्त पितृतर्पण तथा ब्राह्मण भोजन कराना चाहिए. इस दिन सभी विष्णु मंदिरों में भगवान का पीत वस्त्रों तथा पीत.पुष्पों से श्रंगार किया जाता है.

पहले गणेश सूर्य विष्णु शिव आदि देवताओं का पूजन करके सरस्वती देवी का पूजन करना चाहिए. सरस्वती पूजन करने के लिए एक दिन पूर्व संयम नियम से रहना चाहिए तथा दूसरे दिन स्नानोपरान्त कलश स्थापित कर, पूजनादि कृत्य करना चाहिए.

बसंत पंचमी मां सरस्वती का प्राकट्य दिवस होने के कारण आज के दिन बालकों का विद्यारम्भ संस्कार करना अति उत्तम है. सरस्वती पूजा का मुहूर्त सुबह आठ बजकर 57 मिनट से दोपहर 11 बजकर 06 मिनट तक सर्वोत्तम है इसके बाद दोपहर 11 बजकर 06 मिनट से दोपहर एक बजकर 15 मिनट तक मध्यम मुहूर्त है.