बर्फबारी न होने से पर्यटन व्यवसाय प्रभावित

राज्य में बर्फबारी न होने से पर्यटक मायूस है. इस का असर पर्यटन पर भी पड़ रहा है. बर्फबारी नहीं होने से मसूरी, धनोल्टी, चकराता, चोपता, औली, दुग्गलबिट्ट, लैंसडौन, खीर्सू, नैनीताल आदि उत्तराखण्ड के पर्यटन स्थलों पर पर्यटक न के बराबर पहुंच रहे हैं. पर्यटकों के नहीं आने से कारोबार ठप है. खास होटल और ट्रैवल व्यवसायी चिंतित हैं. ये भी पढ़ें-उत्तराखण्ड में पांच सितारा होटलों के कई प्रस्ताव, मुख्यमंत्री ने की केंद्रीय मंत्री से बात

होटल व्यवसायी रामकुमार गोयल ने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस साल पर्यटन व्यवसाय पर 70 प्रतिशत तक की कमी आई है. पिछले साल जनवरी माह में होटल में 80 प्रतिशत तक की बुकिंग थी. इस बार 10 प्रतिशत ही बुकिंग है. वहीं पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज दावा कहते हैं कि बर्फवारी न होने से पर्यटन पर असर सिर्फ उन स्थानों को लेकर पड़ा है, जहां पर्यटक बर्फवारी देखने आते थे. उम्मीद है जल्द बर्फवारी होगी, इससे जनवरी अंतिम सप्ताह व फरवरी में पर्यटक बर्फवारी के चलते राज्य का रुख करेंगे.

विगत वर्षों तक जनवरी में मसूरी सहित आसपास के क्षेत्र बर्फ से लबालब रहते थे, लेकिन इस बार इन क्षेत्रों में जनवरी माह का तीसरा सप्ताह बीतने तक भी बर्फबारी नहीं हुई. मसूरी में दिनभर तेज धूप और शाम को हल्की ठंड है. बर्फबारी नहीं होने से होटल व्यवसायियों के साथ ही व्यापारी भी चिंतित हैं. उत्तराखंड होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप साहनी ने बताया कि जनवरी माह में बर्फबारी न होने से होटल व्यवसाय पर तो फर्क पड़ा है, लेकिन यदि जल्द बर्फबारी नहीं हुई तो आने वाले दिनों में सबसे बड़ी समस्या पेयजल की होगी.