उत्तराखंड बीजेपी ने पार्टी फंड के लिए विधायक-सांसदों को दिए टारगेट

मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट की अध्यक्षता में कोर ग्रुप की बैठक हुई. इस बैठक में पार्टी फंड पर चर्चा हुई और राज्य से पार्टी के लिए 25 करोड़ रुपये इकट्ठा करने का लक्ष्य रखा गया. उत्तराखंड बीजेपी द्वारा पार्टी फंड इकट्ठा करने के लिए यह टारगेट चर्चा का विषय बना हुआ है. सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्र के मुताबिक लक्ष्य दे दिए गए हैं. सहयोग निधि के नाम पर यह चंदा इकट्ठा किया जाएगा और 25 करोड़ रुपये इकट्ठा करने की अंतिम तिथि 26 जनवरी तय की गई है.

पार्टी सूत्रों की मानें तो राज्य में अभी तक 12 करोड़ का चंदा इकट्ठा हो पाया है. बैठक में चंदा एकट्ठा अभियान पर चर्चा की गई. जनप्रतिनिधियों को नया लक्ष्य दिया गया है. कोर ग्रुप की अलगी बैठक 11 फरवरी को आयोजित की जाएगी. चंदा इकट्ठा करने के लक्ष्य पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने कहा कि सभी दलों को चंदे की जरूरत होती है. हम कार्यकर्ताओं से पार्टी के लिए चंदे देने की बात कहा करते हैं. लेकिन अब तो आम आदमी से भी उसकी इच्छानुसार चंदा देने की अपील की जाती है. यह चंदा केवल चैक या बैंक ड्राफ्ट द्वारा लिया जाता है, ना कि नकद में.

पार्टी के इस फैसले पर विपक्षी दल कांग्रेस ने पार्टी की कड़ी आलोचना की है. कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी का चेहरा उजागर हो गया है, पार्टी सत्ता में विकास के लिए नहीं बल्कि पैसा इकट्ठा करने के लिए आई है. कांग्रेस ने यहां तक आरोप लगया कि राज्य में जल्द ही नगर निगम और पंचायत चुनाव होने वाले हैं. पार्टी चंदे के नाम पर टिकटों की बिक्री की जाएगी.

बीजेपी विधायक महेश नेगी ने कहा कि पार्टी फंड के लिए सभी को अलग-अलग टारगेट दिए गए हैं. अलमोड़ा के लिए यह टारगेट एक करोड़ का है. जो भी लोग पार्टी के लिए चंदा देना चाहें उनका स्वागत है. उन्होंने कहा कि इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है. अगर लोग चंदा देते हैं तो वे पार्टी से खुद को सीधे तौर पर जुड़ा महसूस करेंगे.

बीजेपी के इस चंदा अभियान की विपक्षी दल कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि खनन, शराब माफिया, व्यापारियों और अफसरों से सहयोग निधि के नाम पर वसूली हो रही है. सरकार को सिर्फ चंदे की चिंता है. प्रदेश के हालातों से उनका कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूखे के हालात है, लेकिन सरकार को कोई फिक्र नहीं है.

प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धसमाना ने कहा कि बीजेपी को पार्टी फंड की तो चिंता है, लेकिन आम जनता किन मुसीबतों से गुजर रही है, उस बात की कोई परवाह नहीं है. पार्टी राज्य से 25-50 करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा कर रही है. उन्होंने सवाल किया कि क्या विधायकों को जनता के काम छोड़कर पार्टी के लिए पैसे की उगाही करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य में नगर निकाय चुनाव आने वाले हैं, पार्टी फंड की आड़ में बीजेपी टिकट बेचने का काम कर रही है.