मन की बात में बोले पीएम मोदी, न्यू इंडिया बनाने में आगे आयें देश के यूथ

पीएम नरेंद्र मोदी वर्ष 2017 के आखिरी दिन देशवासियों के साथ मन की बात साझा कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि ‘मन की बात’ का इस वर्ष का यह आखिरी कार्यक्रम है और संयोग देखिए कि आज, वर्ष 2017 का भी आखिरी दिन है. इस पूरे वर्ष बहुत सारी बातें हमने और आपने साझा की. विचारों का ये आदान-प्रदान, मेरे लिए हमेशा नई ऊर्जा लेकर आता है.
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज इस मन की बात के कार्यक्रम में मैं देश के युवाओं से बात करना चाहता हूं.

उन्‍होंने कहा, ‘युवा आगे आएं और मंथन करें कि कैसे बनेगा न्यू इंडिया. मेरा विश्वास है कि हमारे ऊर्जावान युवाओं के कौशल और ताकत से ही न्‍यू इंडिया का सपना सच होगा.’इससे पहले पीएम मोदी ने जनता से अपने विचार और सुझावों को देने के लिए कहा था, जिसे वह मन की बात में साझा कर सकें. पीएम ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी थी.उन्‍होंने ट्विटर पर लिखा था- ‘साल 2017 की ‘मन की बात’ का आखिरी कार्यक्रम साल के आखिरी दिन होगा. कार्यक्रम में आपके इनपुट के लिए उत्सुक हूं. 1800-11-7800 पर फोन कर आप अपना संदेश रिकॉर्ड करें या फिर माईगोव पर जाकर फोरम में लिखकर संदेश भेजें.’पीएम मोदी के अनुरोध पर बड़ी संख्‍या में लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. इस पर उन्‍होंने कहा, ‘उत्साह से भरा व्यक्ति अत्यन्त बलशाली होता है.

पॉजिटिविटी और उत्साह से भरे व्यक्ति के लिए कुछ भी असंभव नहीं. मुझे बहुत खुशी हुई कि भारी संख्या में लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी.’ उन्‍होंने आगे कहा, ‘कुछ देशवासियों ने इस वर्ष के उन घटनाक्रमों को साझा किया, जिनका उनके मन पर विशेष प्रभाव पड़ा, सकारात्मक प्रभाव पड़ा. कुछ लोगों ने अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों को भी शेयर किया.’पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में देश को पूरी तरह से स्‍वच्‍छ बनाने पर भी जोर दिया. उन्‍होंने कहा कि पूज्‍य बापू के अधुरे काम गंदगी से मुक्‍त भारत को हमें पूरा करना है.

यह भी कहा कि स्‍वच्‍छता केवल सरकार करे एेसा नहीं है, यह नागरिकों की भी जिम्‍मेदारी है. पीएम मोदी ने यह भी बताया कि शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर की उपलब्धियों का आकलन करने के लिए आगामी 4 जनवरी से 10 मार्च 2018 के बीच दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2018’ किया जाएगा.पीएम मोदी ने आगे कहा कि हाल में ही मुझे पता चला कि यदि कोई मुस्लिम महिला हज यात्रा पर जाना चाहती है तो वह किसी मर्द सदस्य के बिना नहीं जा सकती. मैं इस पर हैरान था कि यह कैसा भेदभाव है, लेकिन अब वह अकेली हज यात्रा पर जा सकती हैं. पीएम मोदी ने यह भी बताया कि 26 जनवरी के मौके पर 10 आसियान देशों के नेता मुख्य अतिथि के रूप में आएंगे. ऐसा भारत के इतिहास में नहीं हुआ है.