अब राम रहीम के कारनामे के बाद इस बालात्कारी बाबा की हकीकत से उठा पर्दा

राम रहीम के कारनामे के बाद अब एक और ढोंगी बाबा का अवतार सामने आया है. इस ढोंगी बाबा का नाम है चरणजीत सिंह चड्डा, जो सिखों की 115 साल पुरानी धार्मिक संस्था ‘चीफ खालसा दीवान’ का मुखिया है. दो दिन पहले इस बाबा का सोशल मीडिया पर एक अश्लील वीडियो वायरल हुआ था. जिसमें वो एक स्कूल अध्यापिका के साथ अश्लील हरकतें करता दिख रहा है. खभर के मुताबिक यह वीडियो चरणजीत सिंह को ब्लैकमेल करने के लिए बनाया गया था लेकिन पैसा नहीं मिलने के कारण ब्लैक मेलर ने उसे वायरल कर दिया.

85 साल के इस बालात्कारी की हकीकत से पर्दा तब उठा, जब उसका एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ. उस वीडियो में वह एक स्कूल अध्यापिका के साथ अश्लील हरकतें करता दिख रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि वह उस महिला के साथ सेल्फी भी ले रहा है. महिला भी अपने फोन से बाबा के साथ सेल्फी लेती दिख रही है.

धार्मिक संस्था चीफ खालसा दीवान संस्था अकाली दल और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से भी पुरानी है. यह संस्था सामाजिक, धार्मिक कार्यों के साथ-साथ कई स्कूलों और चेरिटेबल अस्पतालों का संचालन भी करती है. जिनका नेटवर्क पूरे पंजाब में फैला हुआ है. आरोप है कि चीफ खालसा दीवान का मुखिया सरदार चरणजीत सिंह चड्ढा संस्था के स्कूलों की टीचर्स का प्रमोशन करने की एवज में उनका यौन शोषण करता था.

सरदार रणजीत सिंह चड्ढा के शोषण का शिकार बनी एक अध्यापिका ने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उस पर शारीरिक शोषण के आरोप लगाए हैं. आरोपी चड्ढा ने इस महिला को अपने एक स्कूल की प्रिंसिपल के तौर पर प्रमोट किया था. पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर रणजीत सिंह चड्ढा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है. केस दर्ज होने के बाद से ही चड्ढा फरार है.

जांच में पता चला है कि मनमर्जी के मुताबिक प्रमोशन हासिल करने के लिए अध्यापिकाओं को मजबूरी में उसके संग यह सब करना पड़ता था. चीफ खालसा दीवान संस्था के सदस्य निर्मल सिंह ठेकेदार के मुताबिक संस्था का एक उच्च अधिकारी प्रोमोशन की चाहत रखने वाली शिक्षिकाओं को रणजीत सिंह चड्ढा से मिलवाता था. प्रमोशन के बदले टीचर को अपना जिस्म रणजीत सिंह चड्ढा के हवाले करना होता था.

उसकी राजनीतिक पहुंच के चलते ही पुलिस अभी तक उसके खिलाफ कार्रवाई करने से डर रही है. हालांकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उसकी गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं. हरियाणा के गुरमीत राम रहीम की तरह रणजीत सिंह चड्ढा भी अपने राजनीतिक रसूख का फायदा उठाकर महिला अध्यापिकाओं का शारीरिक शोषण कर रहा था. वह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का करीबी बताया जा रहा है. अकाली दल के कई बड़े नेताओं से उसके व्यक्तिगत संबंध हैं.

रणजीत सिंह चड्ढा के खिलाफ के शारीरिक शोषण का मामला दर्ज होने के बाद उसे चीफ खालसा दीवान के मुखिया के पद से बर्खास्त कर दिया गया. सिखों की धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने चड्ढा को तलब भी किया है. लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही वह फरार है. अब अकाली दल के नेता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं क्योंकि इतनी बड़ी उम्र के धार्मिक नेता के खिलाफ संगीन मामला उजागर होने के बाद पार्टी की किरकिरी हो रही है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि रणजीत सिंह चड्ढा की कारगुजारी उसके होटल के ही कर्मचारियों ने एक कैमरे में कैद की थी. पुलिस सूत्रों के मुताबिक रणजीत सिंह चड्ढा के होटल में काम कर रहे इंद्रजीत सिंह और उसके चार साथियों ने मिलकर सीसीटीवी कैमरे की मदद से महिला अध्यापिका और चड्ढा का अश्लील वीडियो बनाया था.

वीडियो बनाने के बाद इन लोगों ने चड्ढा को ब्लैकमेल किया और उससे 1 लाख 20 हजार रुपये वसूल कर लिए. इसके बाद उनका लालच और बढ़ गया. जिसके चलते इंद्रजीत और उसके साथियों ने चरणजीत से फिर पांच लाख रुपये की मांग कर डाली. मगर चड्ढा ने इस बार पैसे देने से इनकार कर दिया. बाद में पुलिस ने चड्डा की शिकायत पर इंद्रजीत और उसके साथियों को ब्लैकमेलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया, लेकिन फिर वे जमानत पर रिहा हो गए.

पुलिस सूत्रों की मानें तो मामला दर्ज होने के बाद इंद्रजीत और उसके साथियों ने ही चरणजीत सिंह चड्ढा और अध्यापिका का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. वीडियो वायरल होने के बाद अकाल तख्त ने रणजीत सिंह चड्डा के खिलाफ के जांच बैठा दी.