रूपाणी सरकार में उथल-पुथल, इस वजह से नितिन पटेल दे सकते हैं इस्तीफा!

गुजरात के उपमुख्यमंत्री तथा वरिष्ठ पाटीदार नेता नीतिन पटेल ने कथित तौर पर विभागों के आवंटन को लेकर नाराजगी के चलते अपने कार्यालय का पदभार ग्रहण नहीं किया. बताया जा रहा है कि अब वह आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं और बीजेपी हाईकमान को 3 दिन का अल्टीमेटम दे दिया है. पटेल ने कैबिनेट से इस्तीफा देने की बात भी कही है. हालांकि अगले 2-3 दिनों तक वे पार्टी हाईकमान के फैसले का इंतजार करेंगे.

लगातार दूसरी बार बनाया गया उपमुख्यमंत्री
पटेल को हालांकि लगातार दूसरी बार उपमुख्यमंत्री बनाया गया है पर उनसे वित्त, नगर विकास और नगरीय आवास तथा पेट्रो रसायन जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए गए हैं. 26 दिसंबर को मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के मंत्रि परिषद के शपथ ग्रहण के बाद देर रात मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हुआ था. बताया जा रहा है कि इस दौरान पटेल की नाराजगी को लेकर मंत्रिमंडल की पहली बैठक भी चार घंटे की देरी से शुरू हुई.

बाद में मुख्यमंत्री रूपाणी के साथ आयोजित संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में भी पटेल पूरी तरह चुप रहे. यह भी बताया जा रहा है कि उन्होंने सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है और वह निजी वाहन से ही यहां वहां आ जा रहे हैं. जब अधिकतर मंत्रियों ने अपने विभागों का कार्यभार संभाल लिया, पटेल ने देर शाम तक ऐसा नहीं किया था.

वित्त मंत्री सौरभ पटेल को दे दिया गया वित्त का प्रभार
पटेल से वित्त का प्रभार लेकर फिर से मंत्रिमंडल में वापसी करने वाले पूर्व वित्त मंत्री सौरभ पटेल को दे दिया गया है. उनका नगर विकास और पेट्रोरसायन विभाग मुख्यमंत्री ने अपने पास रख लिया है. हालांकि उन्हें फिर से स्वास्थ्य विभाग का प्रभार दे दिया गया है. अब उनके पास मार्ग और मकान, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, नर्मदा, कल्पसर और राजधानी परियोजना जैसे ही विभाग हैं.

पटेल ने पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान सरकार की ओर से पास नेता हार्दिक पटेल के खिलाफ मोर्चा संभाला था. वह पास और हार्दिक के सीधे निशाने पर रहे थे. वह पाटीदार बहुल महेसाणा सीट बचाने में तो कामयाब रहे पर उनकी जीत का अंतर पिछली बार से काफी कम हो गया.