अंतिम मिग-27 लड़ाकू विमान रिटायर, अब वायुसेना के इतिहास में रह जाएगा अस्तित्व

भारतीय वायुसेना ने अंतिम मिग-27 एमएल ‘बहादुर’ को भी विदाई दे दी है. पश्चिम बंगाल स्थित हाशिमारा एयरबेस में आखिरी बार इस लड़ाकू विमान ने उड़ान भरी. रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्र की पिछले तीन दशकों से भी अधिक समय से सेवा करते आ रहे मिग-27 एमएल का शानदार रिकॉर्ड रहा है.

रूस निर्मित इस लड़ाकू विमान में दुनिया का सबसे शक्तिशाली सिंगल इंजन लगा हुआ है. इस लड़ाकू विमान को 80 के दशक में भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया था. यह वायुसेना के प्रमुख लड़ाकू विमानों में से एक रहा है. इससे बम फेंके जा सकते हैं और रॉकेट भी दागे जा सकते हैं.

कारगिल की लड़ाई में भी इसका इस्तेमाल किया जा चुका है. भारत में हुए कई अंतरराष्ट्रीय युद्धाभ्यासों में इसकी काफी प्रशंसा की गई है. इस विमान के पायलट खुद को गर्व से ‘स्विंग विंगर्स’ कहते हैं.