भारत के 22 नाबालिग फ्रांस में लापता, CBI ने दर्ज की FIR

पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से फ्रांस गए 22 नाबालिग छात्रों के लापता होने का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली एनसीआर के तीन ट्रैवल एजेंटों ने एनसीआर के 25 नाबालिग बच्चों को रग्बी ट्रेनिंग के नाम पर फ्रांस भेजा था. अब इसमें से 22 बच्चे गायब बताए जा रहे हैं

मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने बताया कि सभी नाबालिगों को शुरू में पेरिस ही ले जाया गया और वह कुछ दिन तक रग्बी ट्रेनिंग कैंप का भी हिस्सा रहें. लेकिन इसी बीच ट्रैवल एजेंटों ने उनकी वापसी के टिकटों को कैंसल करा दिया. इसके कारण दो बच्चों ने कुछ गलत होने की आशंका भांपकर बचकर भारत लौट आए. जबकि एक बच्चा फ्रेंच पुलिस के पास पहुंच गया. उसी ने पुलिस को मामले की पूरी जानकारी दी और फिर मामला भारत के इंटरपोल तक पहुंचा.

अधिकारियों के अनुसार सीबीआई शीघ्र ही परिजनों से संपर्क करेगी और पता करेगी कि क्या कोई गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करायी गयी है. सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि जांच एजेंसी ने ट्रैवल एजेंटों- फरीदाबाद के ललित डेविड डीन और दिल्ली के संजय रॉय तथा वरुण चौधरी के ठिकानों पर छापेमारी की तलाशी ली जहां से दस्तावेज बरामद किए गए.

अधिकारियों ने आरोप लगाया कि एजेंटों ने इन नाबालिगों को विदेश भेजने के लिए उनके अभिभावकों से 25-30 लाख रुपये लिए थे. वीजा आवेदन में एजेंटों ने दिखाया था कि 13-18 वर्ष उम्रवर्ग के 25 बच्चे पैरिस में रग्बी प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने जा रहे हैं. सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने कहा, ‘कपूरथला के 2 स्कूलों के स्टूडेंट्स बताए गए 25 छात्रों का एक समूह पैरिस के फ्रेंच फेडरेशन के कथित निमंत्रण पर रग्बी प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने के वास्ते पैरिस के लिए निजी व्यक्तियों के साथ दिल्ली हवाई अड्डे से रवाना हुआ था.’

उनमें सभी पैरिस गए और उसके बाद इन 25 स्टूडेंट्स ने एक हफ्ते तक रग्बी प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा भी लिया. इसी बीच ट्रैवल एजेंटों ने उनके वापसी टिकट रद्द कर दिए लेकिन कुछ गड़बड़ी की आशंका से 2 बच्चे भारत लौट आए. सीबीआई अधिकारियों के अनुसार जो नाबालिग छूट गए, उन्हें कथित रूप से एक स्थानीय गुरद्वारे में रख दिया गया और वे बच्चे फिर गायब हो गए. उनमें से एक बच्चा फ्रांसीसी पुलिस की गिरफ्त में आ गया, जिसने इसकी सूचना इंटरपोल की दी.