प्रथम सुपरस्टार के जन्मदिन पर विशेष, जानें उनकी ज़िन्दगी से जुड़े कुछ विशेष अंश

29 दिसम्बर को भारत के पहले सुपरस्टार कहे जाने वाले राजेश खन्ना की 75वीं जयंती है. आज भले ही राजेश खन्ना हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जब भी किसी पुराने सुपरस्टार की बात आती है तो इन्हें जरूर याद किया जाता है. बता दें कि राजेश खन्ना का जन्‍म आज ही के दिन यानी 29 दिसंबर, 1942 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था. उनके जन्‍मदिन के मौके पर आज हम आपको बतायेंगे कि राजेश खन्ना को ‘काका’ क्यों कहा गया.

फिल्म आनंद के सुपरहिट होने के बाद उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें काका इसलिए कहा जाता है, क्योंकि पंजाबी में “काका” का मतलब होता है छोटा बच्चा और जब वे फिल्म में आये तब बहुत छोटे थे.

इसीलिए उन्हें ‘काका’ के नाम से पुकारा जाने लगा. बता दें कि राजेश खन्ना की एकसाथ लगातार कई फ़िल्में हिट हुई हैं, जिसमें ‘कटी पतंग’, ‘आनंद’, ‘आन मिलो सजना’, ‘महबूब की मेहंदी’, ‘हाथी मेरे साथी’, ‘अंदाज’, ‘दो रास्ते’, ‘दुश्मन’, ‘बावर्ची’, ‘मेरे जीवन साथी’, ‘जोरू का गुलाम’, ‘अनुराग’, ‘दाग’, ‘नमक हराम’ और ‘हमशक्ल’ शामिल हैं.

राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था. उन्हें बचपन से ही एक्टिंग का शौक था, इसलिए उन्होंने 60 के दशक में ऑल इंडिया टैलेंट कान्टेस्ट में भाग लिया और वहां चुन लिए गये. राजश खन्ना ने 1966 में आई फिल्म ‘आखरी ख़त’ से बॉलीवुड में करियर की शुरुआत की थी. इस फिल्म में उन्होंने इंद्राणी मुखर्जी के साथ लीड रोल में काम किया था. बता दें कि उनके जन्मदिन के मौके पर आज उनकी बेटी ट्विंकल खन्ना ने सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी तस्वीर के साथ जन्मदिन विश किया है.

जानकारी के मुताबिक डिंपल कपाड़िया और राजेश खन्ना का वैवाहिक जीवन भी कुछ खास नही रहा. दोनों की पहली मुलाकात अहमदाबाद के नवरंगपुरा स्पोर्ट्स क्लब में हुई थी. इसके बाद दोनों का अफेयर करीब तीन साल तक चला. साल 1973 में डिंपल ने  राजेश खन्ना से शादी कर ली.

खास बात यह थी कि उस वक्त डिंपल महज 16 साल की थीं, जबकि राजेश खन्ना 31 साल के थें. इसका मतलब है कि राजेश खन्ना उस वक्त डिंपल से 15 साल बड़े थे. बता दें कि राजेश-डिंपल का वैवाहिक जीवन ज्यादा दिनों तक नहीं चला. अप्रैल, 1982 में डिंपल राजेश खन्ना को छोड़ अपनी दोनों बेटियों के साथ पिता के घर रहने लगी थी.

राजेश खन्ना के सिने करियर में उनकी जोड़ी अभिनेत्री मुमताज और शर्मिला टैगोर के साथ काफी पसंद की गई. राजेश खन्ना को उनके सिने करियर में तीन बार फिल्म फेयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया. फिल्मों में अनेक भूमिकाएं निभाने के बाद राजेश खन्ना समाज सेवा के लिए राजनीति में भी कदम रखा और वर्ष 1991 में कांग्रेस के टिकट पर नई दिल्ली की लोकसभा सीट से चुने गए. राजेश खन्ना अपने चार दशक लंबे सिने करियर में लगभग 125 फिल्मों में काम किया. अपने रोमांस के जादू से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने वाले किंग ऑफ रोमांस 18 जुलाई 2012 को इस दुनिया को अलविदा कह गए.