नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

पिछले तीन साल से हल्द्वानी के गौलापार में प्रस्तावित आईएसबीटी अब अधर में लटकता दिखाई दे रहा है. इसको लेकर हल्द्वानी विधायक और नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा को कटघरे में खड़ा करते हुए चेतावनी दी है कि अगर आईएसबीटी न बना तो वह सरकार के खिलाफ हजारों लोगों को साथ लेकर भूख हड़ताल मैं बैठेंगी.

इसके लिए उन्होंने जनता से भी सहयोग की अपील की है. इस मामले में शुक्रवार को वार्ता करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि उन्होंने आईएसबीटी के लिए बहुत मेहनत की है और यह आईएसबीटी हल्द्वानी का नहीं बल्कि कुमाऊं का आईएसबीटी है, लेकिन अब भाजपा सरकार की नीयत आईएसबीटी के प्रति ठीक नहीं लग रही है. सरकार नहीं चाहती की हल्द्वानी में आईएसबीटी का निर्माण हो.

उन्होंने बताया कि पूर्व में कांग्रेस की सरकार ने हल्द्वानी के गौलापार में आईएसबीटी के लिए भूमि प्रस्तावित की थी और बस अड्डे के लिए 11 करोड़ रूपये प्रस्तावित किए गए थे. बस अड्डे के लिए नागार्जुन कंस्ट्रक्शन कंपनी को ठेका दिया गया और ढाई करोड़ रुपये कंपनी को दे भी दिए गए थे, लेकिन अब भाजपा सरकार इसमें अड़ंगा पैदा कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि वोटों की राजनीति करने वाली भाजपा सरकार हर बार हल्द्वानी के विकास में रोड़ा बनी है और इस बार भी सरकार आईएसबीटी नहीं बनने देना चाहती.

उन्होंने कहा कि अगर 30 दिन के भीतर सरकार ने यह नहीं बताया कि आईएसबीटी कहां बनेगा तो वह 31वें दिन 10 हजार लोगों के साथ भूख हड़ताल पर बैठेंगी. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने स्थान चिह्नित कर भी लिया तो भी वह अपने पांच साल के कार्यकाल में आईएसबीटी का निर्माण नहीं करा पाएगी.