10 से कम छात्रों की संख्या वाले सरकारी स्कूल होंगे बंद

शिक्षा महकमें ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने की कवायद तेज कर दी गई है. सरकार पहले ही 10 से कम छात्रों की संख्या वाले सरकारी स्कूलों को बंद करने का निर्णय ले चुकी है. इसी कड़ी में अगले शिक्षा सत्र से राज्य के करीब 254 स्कूल बंद कर दिए जाएंगे.

इसके लिए शून्य छात्र संख्या वाले स्कूलों के समायोजन का खाका तैयार कर लिया है. अब जल्द ही ऐसे प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों के अलावा हाई स्कूल, इंटर मीडिएट कॉलेजों के विलय की भी प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी.
विदित है कि राज्य के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के मकसद से कम छात्रों वाले स्कूलों को बंद कर उन्हें समायोजित करने के निर्देश दिए थे. अब शिक्षा विभाग ने इस पर कार्रवाई तेज कर दी है.

बताया जा रहा है कि नए साल यानि अप्रैल के पहले चरण में चिह्नित किए गए 254 स्कूलों का विलय हो जाएगा. विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के करीब 20 हजार स्कूलों में से लगभग तीन हजार स्कूलों को विलय के लिए चुना गया है. बता दें कि पहाड़ी इलाकों में कई ऐसे स्कूल हैं जहां कक्षा एक से लेकर 12 तक के बच्चों को एक ही स्कूल में समायोजित किया जाएगा.

एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले बेसिक और तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाले जूनियर हाईस्कूल के अलावा पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले हाईस्कूलों का समायोजन किया जाएगा. पिछले दिनों शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों के समायोजन के लिए सर्वे कराया गया था. सर्वे रिपोर्ट आने के बाद विभाग ने स्कूलों के विलयीकरण को शुरू करने का फैसला लिया है. शिक्षा निदेशक आरके कुंवर के अनुसार अप्रैल में पहले चरण की विलयीकरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.