चीनी विशेषज्ञों ने 2020 मार्स मिशन के अंतर्गत ‘मार्स विलेज’ परियोजना को दी मंजूरी

चीन ने पिछले साल अपने 2020 मार्स मिशन की घोषणा की थी, जिसके तहत वह 2020 तक मानवरहित यान भेजने की तैयारी में है. इसी मिशन के अंतर्गत चीन ने ‘मार्स विलेज’ यानी ‘मंगल गांव’ बनाने की पहल कर दी है.गुरुवार को चीनी विशेषज्ञों द्वारा इस परियोजना को मंजूरी दे दी गई है.

सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, इस गांव का निर्माण पश्चिमी किन्हाई में कैदम बेसिन के लाल चट्टानों वाले इलाके में किया जाएगा. इस जगह को पृथ्वी पर मंगल ग्रह बनाने कि सबसे उपयुक्त जगह’ कहा गया है.इस जगह को इस प्रोजेक्ट के लिए इसलिए चुना गया है क्योंकि किनघई-तिब्बत पठार पर ये क्षेत्र नुकीली पहाड़ियों और पहाड़ियों के टीले के तौर पर जाना जाता है जो हवा के कटाव के कारण शताब्दियों में बना है,और लाल ग्रह की शुष्क सतह पर भी ऐसी ही परिस्थितियां मिलती हैं.

ये पूरा प्रोजेक्ट इस इलाके की 95,000 वर्ग किलोमीटर में फैला होगा. यानी लगभग साउथ कोरिया जितना बड़ा. इसके निर्माण पर कुल 85 करोड़ युआन (करीब 8.34 अरब रुपए) खर्च किए जाएंगे.इस जगह पर आलू  कि खेती भी की जाएगी.हांगकांग के एक अख़बार की रिपोर्ट के मुताबिक इस परियोजना में शिक्षा, पर्यटन, वैज्ञानिक शोध शामिल है.

चीन मंगल ग्रह पर मिशन भेजकर भारत, अमेरिका, रूस और यूरोपीय संघ की बराबरी करना चाहता है.इस प्रोजेक्ट का अहम उद्देश्य यहां साइंटिफिक एक्सप्लोरेशन भी हैं. यानी यहां विज्ञान को लेकर ढेर सारे प्रयोग और रिसर्च होंगे.साथ ही इस स्पॉट को फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों की शूटिंग अथवा टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा.