UN ने भारत-पाक LoC पर नजर रखने वाले सैन्य पर्यवेक्षक समूह के बजट में की कटौती

गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) का बजट कम कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र ने अपने सैन्य पर्यवेक्षक समूह के बजट में 11.39% कमी कर दी है. बजट में यह कटौती 2018-2019 के लिए की गई है.

रविवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र के सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) को दो वर्ष के बजट के तौर पर 1,97,54,400 डॉलर (1,26,78,47,269.20 भारतीय रुपया) की राशि का आवंटन किया. जबकि इससे पिछले 2016-2017 के बजट में यह राशि 2,22,93,600 डॉलर (1,43,08,14,394.80 भारतीय रुपया) थी. इस प्रकार यह 25,39,200 डॉलर (16,29,67,125.60 भारतीय रुपया) की कटौती है.

संयुक्त राष्ट्र के पूरे द्विवार्षिक बजट में पांच प्रतिशत यानी 28.6 करोड़ डॉलर (1,835.56 करोड़ भारतीय रुपया) की कटौती की गई है. इसकी अहम वजह संयुक्त राष्ट्र को सबसे ज्यादा दान देने वाले देश अमेरिका की ओर से इस संबंध में उस पर दबाव बनाया जाना है.

संयुक्त राष्ट्र की बजट प्रक्रिया को नजदीक से जानने वाले सूत्रों ने बताया कि यूएनएमओजीआईपी के क्षेत्र के दौरों की संख्या भी कम कर दी है. इसके अलावा इसकी संविदा सेवाओं और अन्य परिचालन बजट में भी कटौती की गई है.

यूएनएमओजीआईपी को संयुक्त राष्ट्र के आम बजट से ही राशि आवंटित की जाती है. अभी इसके प्रमुख स्वीडन के मेजर जनरल गुस्ताफ लोदिन हैं.