ऐसे आएंगे अच्छे दिन? मोदी सरकार ने छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें कीं कम

केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने साल 2014 के आम चुनाव से पहले ‘अच्छे दिन’ का वादा किया था. विपक्ष अक्सर इसी वादे को याद दिलाता रहता है. आम लोगों को भी इन अच्छे दिनों का इंतजार है. लेकिन इधर केंद्र की मोदी सरकार ने आपकी छोटी-छोटी बचत पर ब्याज दर कम कर दी है. ऐसे में सवाल उठता है कि गरीब लोगों के पास इन छोटी-छोटी बचत के अलावा होता ही क्या है? ऐसे आम लोगों का भी पूछेंगे कहां हैं अच्छे दिन?

सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र और लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत तमाम लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दर में 0.2 प्रतिशत की कटौती कर दी है. यह कटौती जनवरी-मार्च अवधि के लिए है. इससे अब आपका बैंक जमा पर मिलने वाले ब्याज में भी कमी कर सकता है. पांच वर्षीय वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर 8.3 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई है. वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज दर तिमाही आधार पर दी जाती है.

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी), सुकन्या समृद्धि योजना, किसान विकास पत्र (केवीपी) तथा पीपीएफ जैसी योजनाओं पर ब्याज दर कम की गई हैं.

पिछले वर्ष अप्रैल से लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में तिमाही आधार पर बदलाव किया जा रहा है.

अधिसूचना के मुताबिक पीपीएफ तथा एनएससी पर ब्याज दर 7.6 प्रतिशत मिलेगी, जबकि किसान विकास पत्र पर 7.3 प्रतिशत होगी और यह 11 महीने में परिपक्व होगा.

बालिकाओं से जुड़ी बचत योजना सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज दर 8.1 प्रतिशत होगी, जो अभी 8.3 प्रतिशत है.

एक से पांच साल की अवधि के लिए मियादी जमा पर ब्याज दर 6.6 से 7.4 प्रतिशत होगी. यह ब्याज तिमाही आधार पर मिलेगा. वहीं आवर्ती जमा पर ब्याज दर 6.9 प्रतिशत होगी. हालांकि, बचत जमा पर ब्याज दर को सालाना 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है.

मंत्रालय ने 2017-18 की चौथी तिमाही के लिए ब्याज दर को अधिसूचित करते हुए कहा, ‘सरकार के फैसले के आधार पर लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है.’

प्रत्येक तिमाही ब्याज दर निर्धारित किए जाने की घोषणा करते हुए मंत्रालय ने कहा था कि लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरें सरकार के बांड के रिटर्न से जुड़ी होगी. इस कदम के बाद बैंक अपनी जमाओं पर ब्याज दर में कमी कर सकते हैं.