पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा के साथ महाकाल मंदिर में हुआ कुछ ऐसा…

माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा लहराने वाली पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा द्वारा महाकाल मंदिर की दर्शन व्यवस्था को लेकर नाराजी जताने और दुर्व्यवहार के आरोप के बाद महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने मामले के जांच के आदेश दिए हैं. अरुणिमा ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्वीट कर कहा था कि ‘मुझे आपको ये बताते हुए बहुत दुःख है की मुझे एवरेस्ट जाने में इतना दुःख नहीं हुआ जीतना मुझे महाकाल मंदिर उज्जैन में हुआ वहां मेरी दिव्यंगता का मजाक बना.’

इधर सोमवार को प्रशासक अपर कलेक्टर ने रविवार की भस्मारती के फुटेज तलब किए. फुटेज की जांच के बाद प्रशासक ने बताया कि अरुणिमा 4.30 बजे मंदिर पहुंची थीं. उस वक्त भस्मारती शुरू हो चुकी थी. उन्हें नंदीहॉल में बैठाया गया. फुटेज में भी वह दर्शन करते हुए दिख रही हैं. भस्मारती के दौरान धर्म परंपरा अनुसार मंदिर में ड्रेस कोड का पालन होता है. इसमें महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है. इसलिए गर्भगृह में जाने से रोका गया.

प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनिस ने कहा कि महाकाल मंदिर में एक दिव्यांग के पहुंचने और उसे बिना दर्शन करे ही वापस लौटने की बात पर उज्जैन प्रशासन को मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि इस रिपोर्ट के बाद दिव्यांगों के लिए महाकाल मंदिर में आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएगी.

बता दें कि अरुणिमा का नाम मंदिर के रजिस्टर में मंत्री चिटनिस की अतिथि के रूप में दर्ज था. फुटेज में भी वह दर्शन करते हुए दिख रही हैं. भस्मारती के दौरान धर्म परंपरा अनुसार मंदिर में ड्रेस कोड का पालन होता है. इसमें महिलाओं को साड़ी पहनना अनिवार्य है. इसलिए गर्भगृह में जाने से रोका गया.