13 साल की लड़की को देह व्यापार में धकेलने पर सोनू पंजाबन गिरफ्तार

सेक्स रैकेट संचालिका गीता अरोड़ा उर्फ सोनू पंजाबन को क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है. इससे पहले भी वह छह बार गिरफ्तार हो चुकी है. 13 साल की किशोरी को कई लोगों को बेचने व वेश्यावृत्ति कराने के 2014 के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया है. मुकदमा दर्ज कराने के बाद से पीड़िता लापता हो गई थी. इस वजह से मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी. क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त आलोक कुमार ने सोनू की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.

पीड़िता अब बालिग हो चुकी है. उसके साथ दुष्कर्म करने वाले करीब छह लोगों की पहचान कर ली गई है. क्राइम ब्रांच उन्हें भी गिरफ्तार करेगी. पुलिस के मुताबिक करीब 16 साल पहले सेक्स रैकेट के धंधे में आई सोनू पंजाबन का अबतक दिल्ली में दबदबा है. वैसे तो वह गीता कॉलोनी की रहने वाली है, लेकिन बदनामी के कारण उसने गीता कॉलोनी छोड़ दिया था और दक्षिणी दिल्ली के सैदुलाजाब में आलीशान फ्लैट खरीदकर रहना शुरू कर दिया था. आठ साल पूर्व उसके प्रतिद्वंद्वी बाबा भीमानंद व नगमा खान के पकड़े जाने से दिल्ली में उसका दबदबा बढ़ गया.

दिल्ली-एनसीआर में उसके कई दलाल सक्रिय हैं जो जिस्मफरोशी के धंधे को चला रहे हैं. वर्ष 2009 में गीता कॉलोनी की ही रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी को सोनू सैक्स रैकेट के धंधे में ले आई थी. कुछ समय तक उससे वेश्यावृत्ति कराने के बाद लखनऊ में बेच दिया था. वहां हवस का शिकार बनाने के बाद दलाल ने किशोरी को दिल्ली के तिलक नगर में अन्य दलाल को बेच दिया था.

उसने भी कुछ दिन बाद किशोरी को रोहतक में बेच दिया. बालिग होने के बाद पीड़िता रोहतक से भागकर 2014 में दिल्ली आ गई. नजफगढ़ थाने पहुंचकर उसने सोनू समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ वेश्यावृत्ति कराने, मानव तस्करी आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज करवा दिया था, लेकिन मुकदमा दर्ज कराने के 10 दिन बाद वह लापता हो गई थी.

इस वजह से जांच की रफ्तार धीमी हो गई. केस को क्राइम ब्रांच की साइबर सेल में ट्रांसफर कर दिया गया. डीसीपी भीष्म सिंह व इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह की टीम को तीन महीने की तफ्तीश के बाद पता चला कि पीड़िता शाहदरा में किराये के मकान में रह रही है. क्राइम ब्रांच ने उसे ढूंढकर पहले कोर्ट में बयान दर्ज कराया फिर शनिवार की देर रात सोनू को गिरफ्तार कर लिया.