करीब 9 महीने का इंतजार और पांडवाज की टाइम मशीन एक बार फिर उसी बचपन के दिनों में ले जाती है। पांडवाज इस बार कुमाऊंनी गाना ‘शकुना दे’ लेकर आए हैं और इस पारंपरिक गाने को टाइम मशीन में डालकर पांडवाज आपको आपके बचपन की सैर करा देते हैं।

कुमाऊंनी गाने से आपको बचपन की सैर कराने के लिए पांडवाज ने जो पारंपरिक गीत चुना है वह है – ‘झन दिया बौज्यू छाना बिलोरी, लगिला बिलोरी का घामा’। यह कुमाऊंनी गीत एक पिता और उसकी बेटी के बीच है। बेटी अपने पिता से कह रही है कि उसकी शादी छाना बिलोरी में न करे। यानी छाना बिलोरी उसका ससुराल नहीं होना चाहिए, वहां के घाम (धूप) बहुत तेज होती है और सुना है लू लग जाती है।

पांडवाज ने गीत में भावनाओं को इस तरह से उड़ेला है कि सुनने और देखने वाला इसकी सैर पर निकल पड़ता है और एक बेटी को विदा करते पिता के साथ उनके भी आंसू छलक पड़ते हैं। अब अगर वीडियो की बात करें तो इसकी शुरुआत शादी के मंत्रों के साथ होती है। मंत्रोच्चारण अभी चल ही रहा है कि पिता अपनी बेटी के बचपन की यादों में खो जाता है।

एक पिता और उसकी बेटी के बीच के प्यारे से रिश्ते को इस वीडियो में उतने ही नाजुक अंदाज में फिल्माया गया है। धीरे-धीरे भावनाओं के सागर में डुबकी और गहरी होती जाती है और बेटी को स्कूल छोड़ना, स्कूल से लाना, त्योहारों पर देहरी सजाने जैसी छोटी-छोटी यादों से होता हुआ वीडियो सुबह विदायी के वक्त देहरी भेंटने तक पहुंच जाता है। इस बीच शादी-ब्याह में महिलाओं द्वारा गाए जाने वाला मंगलगीत ‘शकुना दे’ भी सुनाई पड़ता है, जो गाने का नाम भी है।

ऐसे ही भावनाओं के सागर में विदायी का भावुक लम्हा भी आ जाता है, जब जाती बेटी को देख पिता की नम आंखें बहुत कुछ बयां कर जाती हैं। बेटी पीछे मुड़ती है और दौड़कर पिता के गले लग जाती है। पिता और बेटी रोते हुए दिखते हैं, इस बीच कहीं भी ऐसा नहीं लगता कि आप एक वीडियो देख रहे हैं। यह आपको उस लम्हे के बीच खड़ा कर देता है और सुनने-देखने वाले की आंखें भी नम हो जाती हैं।

और फिर बेटी अपने ससुराल की ओर चल पड़ती है और पिता अपनी जगह पर नम आंखों के साथ खड़ा उसे देखता रहता है। हमेशा की तरह पांडवाज के बेहतरीन संगीत से सजे टाइम मशीन सीरीज के इस तीसरे वीडियो को भी इस सीरीज के पिछले दोनों गानों की तरह बहुत ही खूबसूरती से फिल्माया है। उत्तरांचल टुडे को गर्व है कि हम पांडवाज की इस टाइम मशीन पर सवार हैं और इसमें उनके पार्टनर हैं।

गाने का म्यूजिक – ईशान डोभाल ने दिया है, बांसुरी पर पंकज नाथ ने साथ निभाया है। लोकेश आनंद ने शहनाई और रंजीत सिंह ने हुड़के पर ताल दी है। इस पारंपरिक गीत में जो अतिरिक्त पंक्तियां हैं उन्हें दीपक मेहता और लोकेश अधिकारी ने लिखा है। वीडियो के डारेक्शन की कमान कुनाल डोभाल ने संभाली है। सलिल डोभाल डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी हैं।