AIMPLB ने मोदी सरकार के फैसले का किया विरोध

मोदी सरकार एक बार में तीन तलाक को लेकर संसद में बिल पेश करने की तैयारी में है.सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध मानने के बाद अब मोदी सरकार इस मसले पर कानून लाने जा रही है. मोदी सरकार के इस फैसले का ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने विरोध किया है.

बोर्ड ने लखनऊ में रविवार को मीटिंग बुलाई है.इसमें तीन तलाक को लेकर सरकार के कदम पर चर्चा होगी.इस आपात बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना राबे हसन नदवी सहित 51 सदस्य शामिल होंगे.बैठक में जो भी निर्णय लिया जाएगा, वो सार्वजिनक रूप से बता दिया जाएगा.मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित बिल के अनुसार, एक साथ तीन बार तलाक बोलकर, लिखकर या ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कहना गैरकानूनी होगा.

तलाक देने वाले पति को तीन साल की सजा और जुर्माना देने का प्रावधान है.इसके साथ ही ये गैर जमानती अपराध होगा.तलाक की पीड़िता अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारा भत्ता मांगने के लिए मजिस्ट्रेट से अपील कर सकेगी.पीड़ित महिला मजिस्ट्रेट से नाबालिग बच्चों के संरक्षण का भी अनुरोध कर सकती है.इस मुद्दे पर आखिरी फैसला मजिस्ट्रेट लेंगे.