आतंकवादियों को समर्थन देना बंद करे पाक, तब हो सकती है शांति वार्ता: सेना प्रमुख

बाड़मेर के पास सेना के युद्वाभ्यास के दौरान संवाददाताओं से बातचीत के दोरान सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हम भी चाहते है कि पाकिस्तान के साथ संबंध अच्छे हों, लेकिन जम्मू कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने में उनकी ओर से जिस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं उससे ऐसा नहीं लगता है कि वास्तव में पाकिस्तान शांति चाहता है.

दक्षिण कमान के थार रेगिस्तान में भारत-पाक सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में सेना-वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास ‘हमेशा विजयी’ को देखने आए थे जनरल बिपिन रावत . उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश को आतंवादियों को समर्थन बंद करने की पहल करनी चाहिए, उसके बाद ही हम कह सकते है कि उनके साथ शांति वार्ता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंवादियों के खिलाफ सेना, अद्धसैनिक बल और जम्मू कश्मीर की पुलिस सफलतापूर्वक लगातार कार्रवाई कर रही है और यह जारी रहेगी.

जनरल बिपिन रावत से पूछे जाने पर की पाकिस्तान-चीन कोरिडोर के बहाने दोनों देश अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास अपनी उपस्थिति और गतिविधियां बढ़ा रहे हैं, जनरल रावत ने कहा कि ऐसा नहीं है कि इस दिशा में भारत कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, भारत भी लगातार अपनी उपस्थिति और गतिविधिया बढ़ा रहा है. रावत ने कहा कि हर देश अपनी सुरक्षा जरूरतों के हिसाब से कार्रवाई करता है और भारत भी ऐसा कर रहा है.

असाल्ट राइफल को सेना में शामिल किए जाने से जुड़े एक सवाल के जवाब में रावत ने कहा कि इस संबध में सरकार की मंजूरी मिल चुकी है और अभी यह परीक्षण अवधि में है. परीक्षण अवधि पूरी होने के बाद इसे सेना में शामिल कर दिया जाएगा.

सेना की दक्षिणी कमान ने रेगिस्तान में किए जाने वाले युद्धाभ्यास को शुक्रवार को सफलतापूर्वक पूरा किया. सेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत द्वारा 21 और 22 दिसंबर को इस युद्धाभ्यास की समीक्षा की गई. दक्षिण कमान के सैन्य कमांडर ले. जनरल डी आर सोनी ने बताया कि इस अभ्यास के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलुओं का परीक्षण किया गया.

सेना प्रवक्ता लेफटिनेंट कर्नल मनीष ओझा ने बताया कि युद्धाभ्यास के दौरान निगरानी और नेटवर्क को केंद्र बनाकर भूमि और हवाई आधारित निगरानी उपकरण लगाए गए ताकि उनसे सूचना प्राप्त करके कंमाडरो को बड़े पैमाने पर जानकारी दी जा सके. इसके अलावा कई इलेक्ट्रोनिक युद्ध उपकरण और अन्य फोर्स मल्टीप्लायर्स तकनीक में शामिल किए गए हैं जिससे विरोधी के बारे में सूचना प्राप्त कर शीघ्र कार्रवाई की जा सके.