हिमालयी नीली भेड़ों (भड़ल) की बीमारी पर पर्यावरण मंत्रालय को NGT का नोटिस

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तराखंड के गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान में हिमालयी नीली भेड़ों को प्रभावित करने वाली एक रहस्यमयी बीमारी के मामले में पर्यावरण मंत्रालय और अन्य प्राधिकारों से जवाब मांगा है.

एनजीटी के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति यूडी साल्वी की पीठ ने पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, राष्ट्रीय जैवविविधता प्राधिकरण, उत्तराखंड सरकार और उत्तराखंड प्रदेश जैवविविधता बोर्ड को नोटिस जारी करके नौ फरवरी से पहले जवाब मांगा.

अधिकरण अधिवक्ता गौरव बंसल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें संक्रामित जीवों को राष्ट्रीय उद्यान से किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ले जाने का अनुरोध किया गया. इन जीवों को स्थानीय रूप से भड़ल नाम से जाना जाता है.

इस साल सितंबर में दायर याचिका के अनुसार, बीएसएफ के अधिकारियों के एक समूह ने गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के केदार ताल क्षेत्र में शिविर के दौरान कई हिमालयी नीली भेड़ों को देखा, जिनकी आंखें सूजी थीं और उनसे खून बह रहा था.