भिखारी निकला करोड़पति, कई दिनों से था भूखा

आधार कार्ड को बैंक और मोबाइल से लिंक करवाने को लेकर छिड़ी बहस के बीच रायबरेली में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिससे इसकी अहमियत समझ आती है. मामला रायबरेली सरेनी थाना क्षेत्र के रालपुर स्थित स्वामी सूर्य प्रबोध परमहंस इंटर कॉलेज अनगपुरम का है,जहां एक बुजुर्ग भिखारी पहुंचा जो कई दिनों से भूखा लग रहा था.

स्कूल के संस्थापक स्वामी भास्कर स्वरूप महाराज ने बुजुर्ग को अपने पास बुलाया. बुजुर्ग ने इशारों में भूखे होने की बात बताई,जिसके बाद स्वामी जी ने उसे भोजन करवाया, इसके बाद स्वामी जी ने बुजुर्ग के बाल कटवाए और दाड़ी बनवाई. जब उसके गंदे कपड़े धुलने को देने के लिए निकलवाए गए तो उसमें से आधार कार्ड, एक एफ.डी. और तिजोरी की चाबी भी मिली.

उस एफ.डी. की कीमत देख कर सबके होश उड़ गए. एफ .डी. की कीमत 1 करोड़ 6 लाख 92 हजार थी, जिसके बाद आधार कार्ड के आधार पर उसका पता लगवाया गया तो उसकी पहचान मुथैया नादर निवासी 240 बी नार्थनेरू तिधीयूर पूकु ली थिरुवनावली तमिलनाडु- 627152 के रूप में हुई. आधार में दर्ज फोन नंबर से उसके परिजनों से संपर्क किया गया और उन्हें मुथैया के यहां होने की जानकारी दी गई. इसकी जानकारी मिलते ही परिजन रायबरेली पहुंचे और उसे प्लेन से वापस ले गए.

परिजनों ने बताया कि वे लोग जुलाई में ट्रेन से तीर्थ यात्रा के लिए निकले थे और मुथैया रास्ते में भटक गए थे. उन्हें आशंका थी कि वे कहीं जहरखुरानी के शिकार हो गए हैं. तब से परिवार वाले उनकी खोज कर रहे थे. परिजनों ने बुजुर्ग को परिवार से मिलवाने पर स्वामी जी का बहुत धन्यवाद किया.