नगर निगम का पार्किंग ठेकेदार खुलेआम वसूल रहा दोगुना शुल्क

रुद्रपुर का नगर निगम का पार्किंग ठेकेदार खुलेआम दोगुना शुल्क वसूल रहा है. तमाम शिकायतों के बाद भी ठेकेदार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती. हमेशा जांच की बात कह कर मामले को ठंडा कर दिया जाता है. सूत्रों की मानें तो अवैध वसूली में बंदरबांट हो रहा है. जिस कारण ठेकेदार के खिलाफ आज तक कानूनी कार्रवाई नहीं हुई, जबकि नियमानुसार पार्किंग शुल्क के नाम पर रंगदारी वसूलने और नगर निगम की फर्जी छपवाकर धोखाधड़ी का मामला बनता है.

ताजा मामले में प्रतापगढ़ के दिनेश कुमार व माजिद अकरम ने नगर आयुक्त को शिकायत की है कि वह अपने वाहन संख्या एमएच 43 बाई 9481 व एमएच 43 बाई 9581 टैंकर को लालपुर शीलचंद्र फैक्ट्री से लोड करके किच्छा रोड तीन पानी स्थित धर्मकांटे पर कांटा करा रहे थे कि बाइक सवार दो लड़के आए और नगर निगम पार्किंग के नाम से दो सौ रुपये की पर्ची काट कर रुपये मांगने लगे. उन्होंने कहा कि वह न तो माल उतार रहे थे और न ही माल लोड कर रहे हैं तो किस बात का पार्किंग शुल्क? जिस पर बाइक सवार युवकों ने अपने साथियों को बुलाकर लिया तथा हाथापाई पर उतारू हो गए. मजबूरी में उन्होंने 200 200 रुपये की पर्ची कटवाई.

यहां यह भी बताना जरूरी है कि नगर निगम ने पार्किंग शुल्क ही सौ रुपये रखा है. यानि दोगुना शुल्क वसूला गया वह भी गलत तरीके से. यह कोई पहला मामला नहीं है, जिसमें ठेकेदार के गुर्गे वाहनों से दोगुनी वसूली कर रहे हों. पहले भी इस तरह की शिकायतें आती रही हैं. नगर निगम की सीमा से बाहर जाकर वसूली की शिकायतें भी होती रही हैं, मगर मेयर से लेकर अफसर तक जांच कराने की बात कहते रहे हैं. सवाल यह उठ रहा है कि फर्जी पर्ची छपवाने का साक्ष्य होने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है.

नगर आयुक्त जयभारत सिंह का कहना है कि इस वक्त वह ट्रेनिंग करने के लिए पूना गए हैं. शिकायत उनके संज्ञान में नहीं है. यदि इस तरह की कोई शिकायत नगर निगम में की गई है तो कार्रवाई अवश्य करेंगे. कहा कि पार्किंग शुल्क के नाम पर दो सौ रुपये नहीं वसूले जा सकते.एसएसपी डा. सदानंद एस दाते ने कहा कि नगर निगम का पार्किंग ठेकेदार यदि गलत तरीके से वसूली कर रहा है तो वह कोतवाल से इसकी जांच कराएंगे. जांच के बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. कहा कि यदि अवैध वसूली की जाती है तो वाहन चालक पुलिस से शिकायत भी कर सकता है.

मेयर सोनी कोली का कहना है कि ठेकेदार के खिलाफ पहले भी अवैध वसूली की शिकायतें आती रही हैं. उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ ब्लेक लिस्टेड की कार्रवाई को लिखा है. ठेकेदार के खिलाफ जांच चल रही है. उनका कहना है कि पार्किंग शुल्क सौ रुपये है. यदि किसी वाहन चालक से अवैध वसूली की जाती है तो वह शिकायत कर सकता है. ठेकेदार के खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई होगी.